अंसल के खिलाफ रिटायर्ड मेजर समेत चार लोगों ने दर्ज करवाई रिपोर्ट, पुलिस जांच में जुटी
लखनऊ में अंसल ग्रुप के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें रिटायर्ड मेजर सहित चार पीड़ितों ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। मामले में आरोप है कि अंसल एपीआई ने फ्लैट और प्लॉट की बुकिंग के नाम पर लाखों रुपये लिए, लेकिन न तो आवंटन दिया और न ही वादा पूरा किया। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
रिटायर्ड मेजर रमेश चंद्र सिंह चौहान ने बताया कि उन्होंने 2012 में अंसल से फ्लैट बुक करवाया था, जिसके लिए उन्होंने 4,91,025 रुपये जमा किए थे। एक साल बाद कंपनी ने उन्हें बड़े फ्लैट का झांसा दिया और 1,22,750 रुपये और जमा करवा लिए। हालांकि, अब तक उन्हें फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया है।
गोमतीनगर विस्तार में रहने वाले हेमंत यादव ने भी अंसल के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। उन्होंने 2012 में लिंक प्रॉपर्टीज के माध्यम से अंसल एपीआई से 242 वर्ग मीटर का प्लॉट बुक किया था और चार किश्तों में 21,64,995 रुपये अंसल को दिए थे। कंपनी ने जल्द ही प्लॉट का कब्जा देने का वादा किया था, लेकिन 13 साल बाद भी उन्हें प्लॉट नहीं मिला। आरोप है कि दबाव डालने पर कंपनी ने उन्हें मारपीट कर भगा दिया।
बांदा की रश्मि शिवहरे ने भी अंसल के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। उन्होंने 2007 में अंसल से 1210 वर्गफुट का प्लॉट बुक करवाया था और कंपनी ने 2013 में कब्जा देने का वादा किया था। लेकिन अब आरोप है कि उनका प्लॉट किसी और को बेच दिया गया और अब तक उनका कब्जा नहीं दिया गया है।
इन सभी मामलों को लेकर पीड़ितों ने अंसल के निदेशक सुशील अंसल और प्रणव अंसल समेत अन्य 20 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले की जांच कर रही है।
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