डॉलर में कमजोरी से हिली ग्लोबल मार्केट, सोने की कीमतों में आई रिकॉर्ड तेजी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ब्याज दरों में कटौती को लेकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर लगातार दबाव बनाए जाने से अमेरिकी डॉलर तीन साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है। इसके चलते ग्लोबल निवेशकों ने अमेरिकी शेयर बाजार से पैसा निकालना शुरू कर दिया है, जिससे बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस अस्थिरता के बीच निवेशकों का रुख सोने जैसे सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ गया है, और नतीजतन सोने की कीमतों में रिकॉर्ड स्तर की तेजी आई है।
हाल ही में ट्रंप ने फेड चेयरमैन जेरोम पावेल की कड़ी आलोचना की थी, जिसे फेड की स्वतंत्रता के लिए खतरा माना गया। इस राजनीतिक दबाव ने डॉलर को कमजोर किया और डॉलर इंडेक्स 97.92 तक गिर गया, जो मार्च 2022 के बाद से इसका सबसे निचला स्तर है। स्विस फ्रैंक के मुकाबले डॉलर एक दशक के निचले स्तर पर पहुंच गया, जबकि यूरो तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ और पिछले सप्ताह 87.99 के सर्वकालिक न्यूनतम स्तर से सुधरकर 85 के स्तर पर पहुंच गया।
अमेरिकी टैरिफ पॉलिसी और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के चलते निवेशकों ने डॉलर परिसंपत्तियों से दूरी बनाना शुरू कर दिया है। इस वजह से अमेरिकी शेयर बाजार में करीब 11% की गिरावट आई है और जनवरी से अब तक डॉलर की कीमत में 9% से अधिक की गिरावट देखी गई है। इस बीच सोने की कीमत में 30% से अधिक का उछाल आया है, क्योंकि निवेशकों ने इसे सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में अपनाया है।
Share this content:
