इजरायली हमलों में गाजा में 51 लोगों की मौत, शिन बेट प्रमुख रोनेन बार ने दिया इस्तीफा
इजरायली अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हालिया आक्रामक कार्रवाइयों और कड़ी नाकाबंदी का उद्देश्य 7 अक्टूबर, 2023 को हमास द्वारा किए गए हमले में बंधक बनाए गए लोगों की रिहाई के लिए दबाव बनाना है। इस हमले के बाद ही इजरायल और हमास के बीच युद्ध की शुरुआत हुई थी। युद्ध के चलते गाजा पट्टी के अस्पतालों में बीते 24 घंटों में 51 फलस्तीनियों के शव लाए गए हैं। फलस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, डेढ़ साल से जारी संघर्ष में अब तक 52,243 फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। इजरायल ने 18 मार्च को अचानक बमबारी कर हमास के साथ युद्धविराम तोड़ दिया था, जिसके बाद से वह लगातार हमले कर रहा है। साथ ही, इजरायली सैन्य बलों ने एक बफर जोन का विस्तार करते हुए दक्षिणी शहर रफाह को घेर लिया है और अब उसके लगभग 50 प्रतिशत हिस्से पर उनका नियंत्रण है।
इसी बीच, इजरायल की घरेलू खुफिया एजेंसी शिन बेट के प्रमुख रोनेन बार ने इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। वह 15 जून को अपना पद छोड़ेंगे। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पहले ही उन्हें हटाने की कोशिश कर चुके थे। शिन बेट, जो आतंकवाद-रोधी जांच का जिम्मा संभालती है, नेतन्याहू की दक्षिणपंथी गठबंधन सरकार के खिलाफ बढ़ते राजनीतिक तनाव का केंद्र बन गई थी। नेतन्याहू ने 16 मार्च को सार्वजनिक रूप से कहा था कि उन्होंने रोनेन बार पर विश्वास खो दिया है, हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बर्खास्त करने के सरकार के प्रयास पर अस्थायी रोक लगा दी थी। रोनेन ने आरोप लगाया था कि नेतन्याहू उन्हें इसलिए हटाना चाहते हैं क्योंकि उन्होंने प्रदर्शनकारियों की जासूसी और नेतन्याहू के भ्रष्टाचार मामलों में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। इसके जवाब में नेतन्याहू ने रोनेन पर झूठ बोलने का आरोप लगाया।
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