ऑपरेशन सिंदूर: भारत का करारा जवाब, POK में 9 आतंकी ठिकाने तबाह
7 मई 2025 की सुबह भारत ने उस हमले का जवाब दे दिया, जिसने 22 अप्रैल को पहलगाम में 26 लोगों की जान ली थी। ऑपरेशन सिंदूर—एक रणनीतिक सैन्य मिशन—ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंक के 9 बड़े अड्डों को निशाना बनाकर उन्हें पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
यह भारतीय थल, वायु और नौसेना की एक संयुक्त कार्रवाई थी। मिशन का नाम उन वीरांगनाओं को समर्पित है, जिनके पति इस हमले में शहीद हुए। ‘सिंदूर’ न केवल प्रतिशोध का प्रतीक है, बल्कि न्याय का संकल्प भी।
किन ठिकानों पर हुए हमले?
ऑपरेशन के तहत जिन जगहों पर कार्रवाई की गई, वे आतंकवादी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज्बुल मुजाहिदीन के गढ़ माने जाते हैं:
बहावलपुर (जैश): 250+ आतंकी
मुरीदके (लश्कर): 120+ आतंकी
मुजफ्फराबाद (लश्कर/जैश): 110-130 आतंकी
कोटली (हिज्बुल/जैश): 75-80 आतंकी
सियालकोट (हिज्बुल): 100 आतंकी
गुलपुर: 75-80 आतंकी
भिंबर: 60 आतंकी
चक अमरू: 70-80 आतंकी
सेना ने स्पष्ट किया कि हमले केवल आतंकियों को निशाना बनाकर किए गए, आम नागरिक या पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने निशाने पर नहीं थे।
“Justice is served” – सेना का संदेश
ऑपरेशन के बाद सेना ने सोशल मीडिया पर संक्षेप में लिखा: “Justice is served.” देशभर में पुलिस और खुफिया एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, खासतौर पर संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में।
नेताओं की प्रतिक्रिया
पीएम नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन की हर जानकारी खुद पीएम आवास से ली।
राहुल गांधी, केजरीवाल, खड़गे समेत विपक्ष ने भी सेना की कार्रवाई की सराहना की।
ओवैसी और नसीरुद्दीन चिश्ती ने भी आतंक के खिलाफ इस कदम का समर्थन किया।
शहीदों की पत्नियों ने कहा – “यह हमारे दर्द को थोड़ी राहत देता है।”
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या हुआ?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्थिति पर नजर रखने की बात कही।
यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने संयम बरतने की अपील की।
NSA अजीत डोभाल ने अमेरिकी समकक्षों को बताया कि यह केवल आतंक के खिलाफ कार्रवाई थी।
पाकिस्तान में बौखलाहट
पाक पीएम शहबाज शरीफ ने इसे युद्ध का कृत्य बताया और चेतावनी दी।
कराची और लाहौर का एयरस्पेस बंद किया गया, पंजाब प्रांत में स्कूल बंद।
पाक मीडिया ने दावा किया कि भारत के दो विमान गिराए गए, लेकिन कोई प्रमाण नहीं दिया।
क्या यह समाप्ति है या शुरुआत?
सेना के रिटायर्ड ब्रिगेडियर विजय सागर धेमन के अनुसार, “यह केवल पहला चरण है। भविष्य में और भी रणनीतिक निर्णय लिए जाएंगे।
ऑपरेशन सिंदूर ने साफ कर दिया है – भारत अब चुप नहीं बैठेगा। आतंकी ठिकानों को मुंहतोड़ जवाब मिलेगा, वह भी पूरी तैयारी और दृढ़ संकल्प के साथ।
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