April 24, 2026

जाति जनगणना पर कांग्रेस का बड़ा वार, खरगे मल्लिकार्जुन ने पीएम मोदी को लिखा तीखा पत्र – आरक्षण सीमा हटाने और तेलंगाना मॉडल अपनाने की उठी मांग

जाति जनगणना को लेकर सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में जाति जनगणना की घोषणा किए जाने के बाद अब कांग्रेस ने इस फैसले पर सवाल खड़े करते हुए बड़ा दबाव बनाना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक विस्तृत और तीखा पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने जातीय जनगणना को लेकर तीन बड़ी मांगें रखी हैं। इस पत्र को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने भी एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर पार्टी का रुख स्पष्ट कर दिया है।

मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने पत्र में जातीय जनगणना को समाज के पिछड़े, वंचित और हाशिए पर पड़े वर्गों के लिए जरूरी कदम बताया है। उन्होंने साफ लिखा है कि जाति आधारित सर्वेक्षण को विभाजनकारी कहना उचित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय की दिशा में एक आवश्यक प्रक्रिया है। खरगे ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि इस विषय पर सभी राजनीतिक दलों से सलाह मशवरा किया जाए ताकि सर्वसम्मति से एक पारदर्शी और प्रभावशाली जनगणना की जा सके।

कांग्रेस अध्यक्ष ने तेलंगाना मॉडल को देशभर में लागू करने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि जैसा सर्वेक्षण तेलंगाना सरकार ने कराया था, वैसा ही केंद्र को भी करना चाहिए ताकि आंकड़ों के आधार पर नीति निर्माण हो सके। इसके साथ ही उन्होंने एक अहम मांग रखी कि आरक्षण की वर्तमान 50% सीमा को हटाया जाए, जिससे एससी, एसटी और ओबीसी समुदायों को उनके जनसंख्या अनुपात के अनुसार लाभ मिल सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 15(5) के तहत निजी शिक्षण संस्थानों में भी इन वर्गों के लिए आरक्षण लागू करने की अपील की है।

खरगे के इस पत्र में हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का भी जिक्र किया गया है। उन्होंने लिखा कि ऐसे कठिन समय में जब देश सुरक्षा को लेकर चिंतित है, तब प्रधानमंत्री का जाति जनगणना के मुद्दे पर यू-टर्न लेना दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस अध्यक्ष ने साफ किया कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी और देश के हर वंचित वर्ग को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करती रहेगी।

जयराम रमेश ने इस पत्र को एक्स पर साझा करते हुए लिखा कि, “2 मई को हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक के बाद खरगे जी ने यह पत्र पीएम मोदी को भेजा है। यह केवल राजनीतिक दस्तावेज नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की दिशा में कांग्रेस की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।”

अब सवाल यह उठता है कि क्या केंद्र सरकार मल्लिकार्जुन खरगे की इन मांगों को गंभीरता से लेगी? क्या जातीय जनगणना अब केवल आंकड़ों का नहीं बल्कि राजनीति का बड़ा मुद्दा बन जाएगा? आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा, लेकिन इतना तय है कि जाति जनगणना पर सियासत की लपटें और तेज हो चुकी हैं।

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