स्वामी रामदेव से कैसे करें विटामिन और न्यूट्रिशन की कमी को दूर
जब तक सांस है, भूख है, प्यास है—तब तक शरीर को चलाने की सबसे जरूरी चीज़ है पोषण। शरीर कोई साधारण मशीन नहीं, यह दुनिया की सबसे जटिल मशीन है, जिसकी ऑयलिंग ‘संतुलित आहार’ से होती है। लेकिन आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग उल्टा-सीधा खाकर शरीर को जहर से भर रहे हैं। और नतीजा—विटामिन D, B12, C, A, K और आयरन जैसे जरूरी पोषक तत्वों की भारी कमी।
स्वामी रामदेव के मुताबिक, लोग ये समझ ही नहीं पा रहे कि सिर्फ पेट भरना शरीर की ज़रूरत नहीं है, बल्कि सही खानपान से शरीर को पोषण देना ज़रूरी है। अगर खानपान गड़बड़ है, तो शरीर धीरे-धीरे अंदर से खोखला होने लगता है। यही कारण है कि हाल की एक स्टडी में चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया—देश की 57% महिलाएं और बच्चे एनीमिया (खून की कमी) से पीड़ित हैं।
आयरन की कमी से शरीर के 37 ट्रिलियन सेल्स तक ऑक्सीजन पहुंचाने वाला सिस्टम प्रभावित हो जाता है। नतीजा—थकावट, सांस फूलना, त्वचा पीली पड़ना, कमजोरी, हड्डियों का कमजोर होना और इम्यून सिस्टम का बिगड़ना। वहीं, विटामिन-D की कमी हड्डियों को खोखला बनाती है, विटामिन B12 और C की कमी से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, और विटामिन A की कमी से आंखों की रोशनी प्रभावित होती है।
आज देश में 80% लोग विटामिन D की, 74% लोग B12 की और 70% महिलाएं कैल्शियम की कमी से जूझ रही हैं। लेकिन समस्या सिर्फ पोषण की नहीं, समझ की है। लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते और धीरे-धीरे शरीर की सारी कार्यप्रणाली गड़बड़ा जाती है।
स्वामी रामदेव कहते हैं कि इस गिरते स्वास्थ्य को रोकने के लिए आयुर्वेद और योग की तरफ लौटना जरूरी है। नियमित प्राणायाम, सूर्य नमस्कार और ध्यान के साथ-साथ आयुर्वेदिक आहार जैसे गाय का दूध, आंवला, गिलोय, शतावरी, अश्वगंधा, बादाम, मूंगफली, और तिल का सेवन बेहद लाभकारी हो सकता है।
इसके अलावा, ताजा हरी सब्जियां, मौसमी फल, अंकुरित अनाज, देसी घी, हल्दी और त्रिफला जैसे पारंपरिक आहार को शामिल कर आप शरीर में हो रही पोषण की कमी को प्रभावी रूप से दूर कर सकते हैं।
स्वामी रामदेव का संदेश स्पष्ट है—“जो खाएगा वही पचाएगा, और जो सही खाएगा वही टिकेगा।” इसलिए समय रहते खानपान सुधारें, क्योंकि स्वस्थ शरीर ही हर लक्ष्य की पहली सीढ़ी है।
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