April 24, 2026

मुनाफे में गिरावट के बावजूद SBI ने किया डिविडेंड का ऐलान, जानिए निवेशकों के लिए क्या है खुशखबरी

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई ने ऐसे समय में अपने शेयरधारकों को बड़ा तोहफा दिया है, जब बैंक के तिमाही मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई है। यह फैसला चौंकाता है क्योंकि वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में बैंक का शुद्ध लाभ 10 प्रतिशत घटकर 18,643 करोड़ रुपये रह गया, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 20,698 करोड़ रुपये था। इसके बावजूद, भारतीय स्टेट बैंक ने अपने निवेशकों को प्रति शेयर 15.90 रुपये का लाभांश देने का ऐलान किया है। बैंक ने इसके लिए 16 मई को रिकॉर्ड तिथि और 30 मई, 2025 को भुगतान तिथि तय की है।

एसबीआई ने अपने ताजा वित्तीय परिणामों में इस तिमाही के दौरान आय में वृद्धि भी दर्ज की है। बैंक की कुल आय बढ़कर 1,43,876 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 1,28,412 करोड़ रुपये थी। वहीं, ब्याज से आय 1,19,666 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले 1,11,043 करोड़ रुपये थी।

हालांकि, जहां मुनाफे में गिरावट आई, वहीं बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला है। चौथी तिमाही में एसबीआई की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (Gross NPA) घटकर कुल कर्ज का 1.82% रह गईं, जो कि मार्च 2024 के अंत में 2.24% थीं। इसी तरह शुद्ध एनपीए (Net NPA) भी 0.57% से घटकर 0.47% हो गया।

एकीकृत (Consolidated) आधार पर बैंक का मुनाफा भी घटा है। इस आधार पर, मार्च तिमाही में शुद्ध लाभ 8 प्रतिशत गिरकर 19,600 करोड़ रुपये रह गया, जबकि एक साल पहले यह 21,384 करोड़ रुपये था। हालांकि, एसबीआई की कुल आमदनी इस दौरान 1,79,562 करोड़ रुपये हो गई, जो कि पहले 1,64,914 करोड़ रुपये थी।

पूरे वित्त वर्ष 2024-25 की बात करें तो बैंक ने एकल आधार पर 16% की बढ़त के साथ 70,901 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया, जो वित्त वर्ष 2023-24 में 61,077 करोड़ रुपये था।

इसके अलावा, बैंक के बोर्ड ने एक और बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड ने आगामी वित्त वर्ष 2025-26 में पात्र संस्थागत नियोजन (QIP), फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO) या किसी अन्य माध्यम से एक या अधिक चरणों में 25,000 करोड़ रुपये तक की इक्विटी पूंजी जुटाने की मंजूरी दे दी है। इस कदम को बैंक की भविष्य की विस्तार योजनाओं और पूंजी आधार को मजबूत करने के तौर पर देखा जा रहा है।

बैंक के ये सभी फैसले संकेत देते हैं कि भले ही मुनाफा अस्थायी रूप से कम हुआ हो, लेकिन बैंक की बैलेंस शीट मजबूत है और निवेशकों के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण से एसबीआई अभी भी एक आकर्षक विकल्प बना हुआ है।

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