गर्म हवा और प्रदूषण से आंखों पर मंडराने लगा खतरा, बाबा रामदेव ने बताया नेचुरल इलाज
गर्मी और प्रदूषण का डबल अटैक अब केवल त्वचा या सांसों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि अब आंखों की रोशनी पर भी इसका गंभीर असर देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अप्रैल महीने में रिकॉर्डतोड़ गर्मी के कारण न सिर्फ दिल-दिमाग प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि आंखों की रोशनी पर भी खतरा मंडरा रहा है। गर्म हवा और प्रदूषण के चलते आंखों में ‘कॉर्नियल सेल्स’ में इंफ्लेमेशन बढ़ रहा है, जिससे अचानक नजर धुंधली होने और ‘आई स्ट्रोक’ की आशंका कई गुना बढ़ गई है। गर्मी की वजह से रेटिना में ब्लड क्लॉट्स जमने लगते हैं, जिससे ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होती है और रेटिना डैमेज हो सकता है।
ये खतरे सिर्फ मौसम तक सीमित नहीं हैं। डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा और तनाव जैसे सामान्य रोग भी धीरे-धीरे आंखों की रोशनी को कमजोर कर सकते हैं। साथ ही कैटरेक्ट, ग्लूकोमा और मायोपिया जैसे नेत्र रोग भी बढ़ते तापमान में तेजी से फैलते हैं। इन सबके बीच लोगों को गर्मी से तो बचने की जानकारी होती है लेकिन आंखों की हिफाजत अक्सर नज़रअंदाज़ कर दी जाती है, जबकि आंखों की देखभाल हर मौसम में जरूरी होती है।
ऐसे में योग और आयुर्वेदिक उपायों से राहत मिल सकती है। स्वामी रामदेव का कहना है कि आंखों की सेहत के लिए कुछ आसान लेकिन असरदार उपायों को अपनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि त्राटक, नेत्रस्नान और प्राणायाम जैसे योगासन न केवल आंखों की मांसपेशियों को मजबूती देते हैं, बल्कि आंखों की रोशनी भी बढ़ा सकते हैं। साथ ही आंवला, त्रिफला और गुलाबजल का नियमित इस्तेमाल भी नजर को तेज करने में मददगार होता है। बाबा रामदेव ने कहा कि ये उपाय केवल रोशनी तेज करने के लिए नहीं, बल्कि आंखों को आने वाली गंभीर बीमारियों से बचाने में भी कारगर हैं।
जहां एक ओर देश पहलगाम जैसे आतंकी हमलों के बाद गुस्से से उबल रहा है, वहीं दूसरी ओर एक और गर्म तपिश ने हर नागरिक को बेचैन कर दिया है – ये तपिश है लगातार बढ़ती गर्मी की, जो अब आंखों की रौशनी छीनने पर उतारू है। इसलिए जरूरी है कि लोग अब अपनी आंखों की सेहत को लेकर सजग हों और प्राकृतिक तरीकों से उसे बचाएं।
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