चेन्नई की हार का सबसे बड़ा विलेन, केवल तमाशा देखने के लिए इतने करोड़ रुपये
चेन्नई सुपर किंग्स के लिए आईपीएल 2025 का सीजन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। टीम ने जिस उम्मीद के साथ टूर्नामेंट में प्रवेश किया था, अब वह उम्मीद पूरी तरह से चकनाचूर हो चुकी है। एमएस धोनी की कप्तानी में चेन्नई ने हर संभव कोशिश की, लेकिन खराब प्रदर्शन और निरंतर हार की वजह से टीम अब प्लेऑफ की रेस से लगभग बाहर हो चुकी है। चेन्नई इस समय अंक तालिका में सबसे निचले दसवें स्थान पर है और उनकी इस हार के बाद एक सवाल जो बार-बार उभरकर सामने आता है, वह है- इस हार के लिए जिम्मेदार कौन है? जवाब स्पष्ट रूप से शिवम दुबे के रूप में सामने आता है, जिन्हें इस सीजन में टीम ने 12 करोड़ रुपये में रिटेन किया था। लेकिन उनके प्रदर्शन ने ना केवल उन्हें आलोचनाओं के घेरे में ला खड़ा किया है, बल्कि टीम की हार का मुख्य कारण भी माना जा रहा है।
आईपीएल के इस सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स का एक वक्त पर प्रदर्शन अच्छा था और टीम प्लेऑफ में पहुंचने की पूरी कोशिश कर रही थी। लेकिन जैसे-जैसे सीजन आगे बढ़ा, टीम की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में गिरावट आई और कई अहम मौके टीम ने गंवाए। मैच के दौरान एक अहम मोड़ वह था, जब सैम करन शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे और पूरी उम्मीद थी कि अब शिवम दुबे भी क्रीज पर आकर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी दिखाएंगे। लेकिन शिवम दुबे ने एक बार फिर वही किया, जो उन्होंने कई बार किया है, यानी फ्लॉप प्रदर्शन। वे न तो आक्रामक बैटिंग कर पाए और न ही स्ट्राइक को सही तरह से रोटेट किया, जिससे सैम करन पर अतिरिक्त दबाव आ गया। इस दबाव की वजह से वे आउट हो गए और चेन्नई की पारी कमजोर हो गई।
जब मैच का 19वां ओवर आया, तो वह पूरी तरह से चेन्नई के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। इस ओवर में युजवेंद्र चहल ने एक ही ओवर में चार विकेट चटका दिए, जिसमें एक हैट्रिक भी शामिल थी। इसने चेन्नई की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। लेकिन शिवम दुबे क्रीज पर नाबाद थे और उम्मीद की जा रही थी कि वे अपनी पारी को आगे बढ़ाकर टीम का स्कोर 200 के पार ले जाएंगे। हालांकि, आखिरी ओवर की शुरुआत में ही वे आउट हो गए। इस अवसर पर उनका नाकाम होना टीम के लिए बड़ा झटका साबित हुआ, क्योंकि यदि वे अंत तक टिके रहते और अच्छे शॉट्स खेलते, तो चेन्नई 200 रन के करीब पहुंच सकती थी।
फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि शिवम दुबे ने टीम को कई अहम मैचों में निराश किया है। उनके परफॉर्मेंस को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं, खासकर जब उन्हें इतने बड़े पैमाने पर पैसे दिए गए थे। 12 करोड़ रुपये का दांव जो टीम ने उन्हें रिटेन करते वक्त लगाया था, वह अब पूरी तरह से फ्लॉप साबित हुआ है।
चेन्नई सुपर किंग्स के लिए यह सीजन किसी बुरे सपने जैसा रहा है, जहां बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहे। शिवम दुबे की नाकामी ने तो जैसे इन समस्याओं को और भी बढ़ा दिया। उनका प्रदर्शन केवल टीम के लिए नहीं, बल्कि उनके खुद के करियर के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। अब देखना यह होगा कि आने वाले सीजन में चेन्नई इस मुद्दे पर कैसे विचार करती है और क्या वे इस तरह की गलतियों से सीखते हुए टीम को मजबूती से वापसी कराएंगे या नहीं।
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