April 19, 2026

कोलकाता के होटल में भीषण आग, 14 की मौत — लोगों ने बिल्डिंग से कूदकर बचाई जान, जांच के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था

कोलकाता की रात चीखों और अफरातफरी से गूंज उठी जब मंगलवार को बड़ा बाजार इलाके में स्थित रितुराज होटल में भीषण आग लग गई। यह आग इतनी भयंकर थी कि कई लोग जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से कूद पड़े। कुछ को बचा लिया गया, लेकिन 14 लोग इस हादसे में जिंदगी की जंग हार गए।

 

रात 8:15 बजे तबाही का समय

कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज कुमार वर्मा के मुताबिक, यह घटना मंगलवार रात करीब 8:15 बजे घटी। मछुआ फलमंडी के पास स्थित होटल में अचानक आग लग गई और कुछ ही देर में उसने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। जैसे ही आग की सूचना मिली, दमकल की कई गाड़ियाँ मौके पर भेजी गईं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू हुआ।

 

लोगों ने जान बचाने के लिए उठाया जोखिम

आग इतनी तेज थी कि भीतर फंसे लोग खिड़कियों से नीचे कूद पड़े। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग जान बचाने की कोशिश में खतरनाक तरीके से ऊँचाई से छलांग लगाते नजर आए।

 

दमकल विभाग की मुस्तैदी से कई जिंदगियाँ बचीं

फायर ब्रिगेड की टीमों ने समय पर पहुंचकर कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे मौत का आंकड़ा और बढ़ने से बच गया। रातभर चले ऑपरेशन के बाद आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक 14 शव बरामद किए जा चुके थे। राहत कार्य अभी भी जारी है।

 

आग की वजह अब भी रहस्य, जांच टीम गठित

अभी तक आग लगने की वजह का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने एक विशेष जांच टीम गठित की है जो तकनीकी और सुरक्षा पहलुओं की गहराई से जांच करेगी। होटल में आग से निपटने के इंतज़ाम कितने प्रभावी थे, यह भी जांच का अहम हिस्सा होगा।

 

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, सरकार घिरी सवालों में

पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने घटना पर दुख जताते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “सरकार की तरफ से वहां कोई सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे। मुझे नहीं पता कि सरकार क्या कर रही है।”

 

मेयर हकीम मौके पर पहुँचे, हालात का जायज़ा लिया

कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम खुद मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायज़ा लिया। उन्होंने दमकल अधिकारियों और पुलिस से जानकारी लेकर राहत कार्य की निगरानी की।

 

अब क्या आगे?

घटना ने एक बार फिर शहरी इलाकों में अग्नि सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। यह हादसा न केवल प्रशासन की सतर्कता पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि होटल इंडस्ट्री में सुरक्षा उपायों की समीक्षा की माँग भी करता है। फिलहाल कोलकाता सदमे में है और उन 14 जानों के लिए शोक में डूबा है जो शायद एक छोटी सी लापरवाही की भेंट चढ़ गईं।

जांच के नतीजों और सरकारी प्रतिक्रिया पर अब पूरे देश की नजरें टिकी हैं।

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