FIIT-JEE कोचिंग घपला: 250 करोड़ रुपये की फीस वसूलकर सेंटर बंद, ईडी ने छापेमारी कर बरामद किए नकद और जेवरात
लखनऊ: FIIT-JEE कोचिंग के निदेशक डीके गोयल और उनके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि उन्होंने 14,411 छात्रों से 250 करोड़ रुपये की फीस वसूल कर उसे निजी निवेश में लगा दिया और छात्रों को धोखा देते हुए कोचिंग सेंटर बंद कर दिए। यह मामला तब सामने आया जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 24 अप्रैल को लखनऊ, नोएडा, दिल्ली और गुड़गांव स्थित FIIT-JEE के सात ठिकानों पर छापेमारी की।
ईडी की छापेमारी में पता चला कि कोचिंग संस्थान ने वर्ष 2025-26 के सत्र के लिए 9,823 छात्रों से 181.89 करोड़ रुपये की फीस वसूली थी। लेकिन उसके बाद इन छात्रों को पढ़ाने के लिए जिन सेंटरों का संचालन किया जा रहा था, उन्हें अचानक बंद कर दिया गया। इस दौरान ईडी को गोयल और उनके सहयोगियों के पास से 10 लाख रुपये नकद और 4.89 करोड़ रुपये के जेवरात मिले हैं।
ईडी के अधिकारियों के मुताबिक, छापेमारी में मिले दस्तावेजों और कम्प्यूटर सिस्टम की जांच की जा रही है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि फीस की वसूली के बाद पैसे का सही उपयोग किया गया था या नहीं। आरोप है कि कोचिंग के स्टाफ की सैलरी देने की बजाय यह पैसे निजी निवेश में लगाए गए थे।
इस घपले की वजह से 15,000 छात्र और उनके अभिभावक परेशान हैं, क्योंकि उन्हें न तो उनकी फीस वापस मिल पाई है और न ही कोचिंग सेंटर फिर से खोला गया है। ईडी ने इस मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत जांच शुरू कर दी है और जल्द ही इस मामले में और भी आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना है।
यह घपला न केवल शिक्षा के क्षेत्र में विश्वासघात को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे कुछ लोग निजी लाभ के लिए छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
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