एफसीआई टेंडर दिलवाने के नाम पर ठगी, गैंग के सरगना को एसटीएफ ने किया गिरफ्तार
लखनऊ में एक व्यापारी से 140 करोड़ रुपये के एफसीआई टेंडर दिलवाने के नाम पर जालसाजों ने चार करोड़ रुपये ठग लिए। ठगी का यह मामला राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर इलाके से सामने आया, जहां ठगों ने व्यापारी को फर्जी दस्तावेज दिए और भरोसा दिलाया कि वह उसे एफसीआई से बड़ा टेंडर दिलवा देंगे। इस ठगी की जानकारी मिलने के बाद एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने तेजी से कार्रवाई की और शुक्रवार रात को गिरोह के सरगना नजाहिर उर्फ अरविंद चौहान को गिरफ्तार कर लिया।
एसटीएफ के मुताबिक, नजाहिर उर्फ अरविंद चौहान को गोमतीनगर स्थित विनीतखंड इलाके में पुलिस मॉर्डन स्कूल के पास से पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान उसने अपना असली नाम सागर खंडेलवाल बताया और पूर्वी दिल्ली का निवासी होने की बात कही। पुलिस ने उसके पास से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं, जिसमें अरविंद चौहान और सागर खंडेलवाल के नाम के दो फर्जी आधार कार्ड शामिल हैं। इसके अलावा, एफसीआई से संबंधित दस्तावेजों में कई वर्क ऑर्डर भी मिले, जो कि फर्जी थे। इन दस्तावेजों का उपयोग ठगों ने व्यापारी को धोखा देने के लिए किया था।
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने व्यापारी को टेंडर दिलवाने के नाम पर चार करोड़ रुपये की बड़ी रकम ली थी। व्यापारी को विश्वास में लेकर उसे फर्जी दस्तावेज दिए गए और यह भरोसा दिलवाया गया कि वह एफसीआई से टेंडर हासिल करने में मदद करेगा। इस मामले की जांच शुरू करते हुए एसटीएफ ने गैंग के अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए अभियान तेज कर दिया है। इस गिरफ्तारी से गिरोह का पर्दाफाश हुआ है और अब पुलिस पूरे मामले की गहरी छानबीन कर रही है।
इस ठगी की वारदात ने यह भी उजागर किया है कि कैसे जालसाज लोगों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बड़ा टेंडर दिलवाने के झांसे में फंसाकर बड़ी रकम ठग लेते हैं। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार करने के प्रयासों में जुटी है, और इस मामले की और भी तहकीकात की जा रही है।
एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जा रही है ताकि इस गिरोह के अन्य नेटवर्क का पता चल सके और भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। गिरफ्तार आरोपी को जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा, जहां से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Share this content:
