April 18, 2026

साइबर जालसाजों ने लखनऊ में चार लोगों से ठगे पांच लाख रुपये, धोखाधड़ी के अलग-अलग तरीके अपनाए

लखनऊ में साइबर जालसाजों ने शनिवार को चार लोगों को अपनी शिकार बनाया और कुल मिलाकर पांच लाख रुपये की ठगी की। इन ठगी की घटनाओं में जालसाजों ने विभिन्न धोखाधड़ी के तरीके अपनाए, जिनमें क्रेडिट कार्ड बनवाने के नाम पर पैसे लेना, ड्रीम-11 में निवेश का झांसा देकर पैसे ठगना और विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी शामिल है। इस मामले में पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

आलमबाग क्षेत्र में एक रेलवे के जेई दिलीप कुमार से क्रेडिट कार्ड बनवाने के नाम पर 1.21 लाख रुपये ठगे गए। दिलीप कुमार ने पुलिस को बताया कि एक माह पहले एक क्रेडिट कार्ड एजेंट ने उनसे झांसे में आकर उनके दस्तावेज़ ले लिए थे, जिसके बाद उनके खाते से पैसे निकाल लिए गए। दिलीप कुमार, जो रेलवे में जेई के पद पर कार्यरत हैं, ने इस ठगी की रिपोर्ट आलमबाग कोतवाली में दर्ज करवाई। उनके अनुसार, घटना उस समय हुई जब वे एक मार्च को पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने गए थे और वहां एक व्यक्ति ने उन्हें झांसे में लेकर उनके दस्तावेज़ हासिल कर लिए थे। बाद में, इस व्यक्ति ने उनके खाते से पैसे निकालकर उन्हें नुकसान पहुंचाया।

इसके अतिरिक्त, एक अन्य युवक जो क्रिकेट का शौक रखते थे, साइबर जालसाजों के जाल में फंस गया। उसे ड्रीम-11 में निवेश का झांसा दिया गया, जिससे उसकी पॉकेट मनी भी ठग ली गई। इस धोखाधड़ी के मामले में भी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की और जांच शुरू कर दी है।

लखनऊ में इस तरह की बढ़ती साइबर ठगी की घटनाओं से लोग अब खासे परेशान हैं और पुलिस से कड़ी कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, जालसाज लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को धोखा दे रहे हैं, और आम नागरिकों को इन धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी भी अजनबी के साथ साझा न करें और किसी भी वित्तीय लेन-देन के दौरान सतर्क रहें।

पुलिस अब इन मामलों की जांच कर रही है और साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए तकनीकी जांच भी की जा रही है।

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