पहलगाम आतंकी हमले पर बड़ा खुलासा, पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान में लड़ चुके आतंकवादियों को कश्मीर भेजा
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम इलाके में हुए आतंकी हमले के बाद एक अहम खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान में लड़ चुके पाकिस्तानी आतंकवादियों को कश्मीर भेजा है। ये आतंकी कश्मीर के माहौल को खराब करने के लिए वहां भेजे गए थे, ताकि पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति को मजबूत करने का मौका मिले। ये आतंकी विशेष रूप से खतरनाक माने जा रहे हैं क्योंकि इन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में लंबा वक्त बिताया है और वहां से अनुभव प्राप्त किया है। उनका प्रशिक्षण और युद्ध की परिस्थितियों में काम करने का तरीका उन्हें सुरक्षाबलों से जूझने के लिए और अधिक सक्षम बनाता है।
इन आतंकवादियों के बारे में जानकारी सामने आई है कि ये आत्मघाती हमलावर हैं, जो कभी भी सुरक्षाबलों से घिरने पर पीछे नहीं हटते बल्कि संघर्ष करते हैं और दूसरों को भागने का मौका देते हैं। पाकिस्तान के इस कदम से कश्मीर में आतंकवाद की स्थिति और बिगड़ी है, और कश्मीर में शांति और स्थिरता की कोशिशों को नुकसान पहुंचा है। सूत्रों के अनुसार, कश्मीर में पाकिस्तान के बढ़ते हस्तक्षेप और आतंकवादियों की घुसपैठ ने कश्मीर के अच्छे माहौल को नुकसान पहुंचाया है।
22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन घाटी में आतंकवादियों ने कश्मीर में एक बड़ा हमला किया। यह हमला पर्यटकों को निशाना बनाकर किया गया, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई। आतंकवादियों ने हमले से पहले पर्यटकों से उनका धर्म पूछा और हिंदू पर्यटकों को निशाना बनाया। इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली। आतंकवादी अत्याधुनिक हथियारों जैसे एके-47 और एम4 कार्बाइन से लैस थे और उनके पास बॉडीकैम भी थे। यह हमला 2019 के पुलवामा हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में हुआ सबसे घातक हमला था, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई।
हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन तेज कर दिया है। सुरक्षाबलों ने कश्मीर के जंगलों में आतंकवादियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन शुरू किया है, जहां आतंकवादियों से मुठभेड़ भी हो रही है। जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना लगातार इस ऑपरेशन को जारी रखे हुए हैं। साथ ही, सुरक्षाबलों ने अब तक आतंकवादियों के आठ घरों को नष्ट कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियों को मिली जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबल कश्मीर में आतंकवादियों को हराने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं।
इन घटनाओं से यह स्पष्ट हो गया है कि कश्मीर में आतंकवाद का खतरा बढ़ता जा रहा है और पाकिस्तान की ओर से कश्मीर में आतंकवादियों की घुसपैठ को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। अब सुरक्षाबलों को एक बार फिर कश्मीर में शांति स्थापित करने के लिए अपनी रणनीतियों में बदलाव और कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।
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