April 19, 2026

वोडाफोन आइडिया के बाद अब एयरटेल ने भी मांगी राहत, स्पेक्ट्रम बकाया के बदले हिस्सेदारी देने का प्रस्ताव

वोडाफोन आइडिया के बाद अब एयरटेल ने भी सरकार से अनुरोध किया है कि उसके स्पेक्ट्रम बकाया को इक्विटी में बदल दिया जाए। यह प्रस्ताव ठीक उसी तर्ज पर है जैसा कुछ हफ्ते पहले वोडाफोन आइडिया ने दिया था, जिसे सरकार ने मंजूरी दे दी थी। वोडाफोन आइडिया के 36,950 करोड़ रुपये के स्पेक्ट्रम बकाया को इक्विटी में बदलने के बाद सरकार की हिस्सेदारी कंपनी में 22.6 प्रतिशत से बढ़कर 48.9 प्रतिशत हो गई है। अब एयरटेल की ओर से भी ऐसा ही प्रस्ताव सामने आया है। टेलिकॉम विभाग के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि 2021 में लाए गए टेलिकॉम सुधार पैकेज की शर्तों के मुताबिक इस प्रस्ताव का लाभ उठाने वाले सभी टेलिकॉम ऑपरेटर्स को ऐसा आवेदन करने की अनुमति है, और अब इस पर विचार किया जाएगा।

सितंबर 2021 में केंद्र सरकार ने दूरसंचार क्षेत्र के लिए एक सुधार पैकेज को मंजूरी दी थी, जिसके तहत समायोजित सकल राजस्व (AGR) पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार बकाया की अदायगी के लिए चार साल की मोहलत दी गई थी। इसके अलावा स्पेक्ट्रम नीलामी में खरीदे गए स्पेक्ट्रम की राशि का भुगतान भी चार वर्षों तक टाल दिया गया था। ऐसे में सरकार ने वित्तीय संकट से जूझ रही कंपनियों को राहत देने के लिए स्पेक्ट्रम बकाया को इक्विटी में बदलने का विकल्प उपलब्ध कराया था।

हालांकि, रिलायंस जियो ने इस सुविधा का लाभ नहीं लिया क्योंकि उसके ऊपर AGR या स्पेक्ट्रम भुगतान को लेकर कोई बड़ा बकाया नहीं था। वर्ष 2022 तक कंपनी ने 2014, 2015, 2016 और 2021 की स्पेक्ट्रम नीलामी के तहत खरीदे गए सभी स्पेक्ट्रम की राशि का भुगतान पूरा कर दिया था। ऐसे में मौजूदा स्थिति में केवल वोडाफोन आइडिया और एयरटेल ही इस राहत योजना का लाभ ले रहे हैं।

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