कश्मीर यात्रा बनी मौत की मंज़िल, आतंकी हमले में मारे गए प्रशांत सतपथी के परिवार को मुआवजा और नौकरी की सौगात
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए दर्दनाक आतंकी हमले में ओडिशा के प्रशांत सतपथी की मौत ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। प्रशांत महीनों से अपने परिवार के साथ कश्मीर घूमने की तैयारी कर रहे थे और इसके लिए उन्होंने बड़ी मेहनत से पैसे जोड़े थे। लेकिन यह बहुप्रतीक्षित यात्रा उनकी ज़िंदगी की आखिरी यात्रा बन गई। आतंकियों ने पत्नी और 9 साल के बेटे तनुज के सामने ही उन्हें गोलियों से भून डाला।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बालासोर ज़िले के इशानी गांव पहुंचकर प्रशांत सतपथी को श्रद्धांजलि दी और परिवार के लिए राहत की घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने मृतक के परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, पत्नी प्रिया दर्शनी को नौकरी और बेटे की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।
मुख्यमंत्री से बातचीत के दौरान प्रिया दर्शनी अपने दर्द को सहन नहीं कर पाईं और बेहोश हो गईं। मौके पर मौजूद अधिकारी और परिजन भी बेहद भावुक हो गए। प्रशांत के बड़े भाई सुशांत ने बताया कि उनके भाई ने इस यात्रा के लिए लंबे समय तक पैसे जोड़े थे और बहुत उत्साहित थे। उनकी मां बेटे की मौत से इतने सदमे में हैं कि बोलने की स्थिति में नहीं हैं।
एक खुशहाल और सामान्य जिंदगी जीने वाला परिवार कुछ पलों में ही उजड़ गया। पहलगाम के इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है और एक बार फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि निर्दोष लोगों की जान कब तक आतंक की भेंट चढ़ती रहेगी।
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