अमेरिका के दूत स्टीव विटकॉफ ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से की मुलाकात, यूक्रेन युद्ध पर हुई लंबी चर्चा
अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने शुक्रवार को सेंट पीटर्सबर्ग में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। यह बैठक यूक्रेन युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान की संभावनाओं को तलाशने के उद्देश्य से की गई। शहर की राष्ट्रपति लाइब्रेरी में हुई यह बातचीत चार घंटे से ज्यादा चली। रूसी मीडिया के मुताबिक, यह विटकॉफ और पुतिन के बीच तीसरी बैठक थी। विटकॉफ इस मकसद से तीसरी बार रूस की यात्रा पर पहुंचे हैं। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर पुतिन की नीतियों पर अपनी नाराजगी जता चुके हैं।
डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को वॉल्टर रीड मेडिकल सेंटर में अपना सालाना मेडिकल चेकअप करवाया। 78 साल के ट्रम्प ने कहा कि वे पहले से कहीं बेहतर महसूस कर रहे हैं, लेकिन नियमित जांच जरूरी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक मानसिक टेस्ट भी दिया जिसमें सभी सवालों के सही जवाब दिए। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि चेकअप कितनी देर तक चला। वे करीब पांच घंटे अस्पताल में रहे और फिर फ्लोरिडा रवाना हो गए।
तुर्की में राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने पहली बार कुर्द समर्थक नेताओं से सीधी मुलाकात की है। यह बैठक अंकारा स्थित राष्ट्रपति भवन में हुई, जहां उन्होंने पीपल्स इक्वालिटी एंड डेमोक्रेसी पार्टी (DEM) के सांसदों पेरविन बुलदान और सिर्री सुरैया ओंडर से बातचीत की। यह मुलाकात राज्य और कुर्द उग्रवादियों के बीच 40 साल से जारी संघर्ष को खत्म करने की दिशा में एक नई शुरुआत मानी जा रही है। ओंडर ने इसे सकारात्मक और उम्मीद से भरी बैठक बताया। यह 2012 के बाद पहली बार है जब एर्दोगन और कुर्द समर्थक पार्टी के बीच सीधी बातचीत हुई।
वहीं, अमेरिका में ट्रम्प प्रशासन ने एक बड़ा और विवादास्पद कदम उठाते हुए 6000 से ज्यादा प्रवासियों को मृत घोषित कर दिया है और उनके सोशल सिक्योरिटी नंबर रद्द कर दिए गए हैं। इसके चलते ये प्रवासी अब अमेरिका में न तो काम कर सकेंगे और न ही किसी सरकारी योजना का लाभ उठा पाएंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रम्प का उद्देश्य इन प्रवासियों को खुद से देश छोड़ने के लिए मजबूर करना है। यह वही प्रवासी हैं जिन्हें पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के शासन में काम करने की अनुमति और आधिकारिक नंबर दिए गए थे। हालांकि, ट्रम्प सरकार के इस फैसले पर फिलहाल फेडरल कोर्ट ने रोक लगा दी है।
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