साइबर ठगी बना मौत का जाल: देशभर में आत्महत्या के बढ़ते मामले से हड़कंप
देशभर में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन अब यह केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं रहा। ठगी का शिकार बन चुके लोग अवसाद में आकर आत्महत्या जैसे चरम कदम उठा रहे हैं। हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से ऐसे कई गंभीर मामले सामने आए हैं, जहां साइबर अपराध के शिकार लोगों ने मानसिक तनाव और हताशा के चलते अपनी जान दे दी।
हिमाचल में बढ़ रहे मानसिक रोगी, आत्महत्या के कई मामले
हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान IGMC शिमला में डिप्रेशन के इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। इनमें कई मरीज ऐसे हैं जो साइबर ठगी के शिकार हुए हैं। कांगड़ा जिले के पालमपुर के 27 वर्षीय अभिषेक ने ऑनलाइन ठगी और ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर पुल से कूदकर आत्महत्या कर ली। अभिषेक ने पुलिस को 17 लाख की साइबर ठगी की शिकायत भी दी थी।
इसी तरह, ठियोग के एक युवक ने इनाम के लालच में फंसकर 1.40 लाख रुपये गंवा दिए और फिर जहर खाकर जान दे दी। बद्दी में लोन एप के जरिए ठगी का शिकार हुए युवक ने भी आत्महत्या की।
यूपी और हरियाणा में भी गंभीर घटनाएं
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक युवती ने साइबर ठगी के बाद खुदकुशी कर ली। पुलिस के अनुसार, ठग ने युवती को शादी का झांसा देकर झांसे में लिया था। वहीं चित्रकूट में एक व्यापारी ने साइबर ठगों की ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर जान दे दी। हरियाणा के फरीदाबाद में सात लाख की ठगी के बाद एक लड़की की आत्महत्या का मामला भी सामने आया।
मध्य प्रदेश: शिक्षिका को ब्लैकमेल कर दी धमकी, मौत के बाद भी आए कॉल
मध्य प्रदेश के मऊगंज की एक महिला शिक्षिका को लगातार व्हाट्सएप वीडियो कॉल और धमकियां मिल रही थीं। ठगों ने आरोप लगाया कि उसके नाम से भेजे गए पार्सल में अवैध सामग्री मिली है और गिरफ्तारी से बचने के लिए 50 हजार रुपये की मांग की। शिक्षिका ने जहर खाकर जान दे दी, लेकिन मौत के बाद भी ठग उसके नंबर पर कॉल करते रहे।
DIG का संदेश: डरें नहीं, 1930 पर करें कॉल
हिमाचल के साइबर क्राइम नोडल अधिकारी और डीआईजी मोहित चावला ने कहा है कि ऐसे मामलों में डरने की बजाय तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें। समय पर सूचना देने पर ठगी की रकम वापस मिल सकती है और पुलिस त्वरित कार्रवाई करती है।
विशेषज्ञों की सलाह: पीड़ितों पर रखें नजर
IGMC शिमला के मनोरोग विभाग प्रमुख डॉ. दिनेश दत्त शर्मा के अनुसार, साइबर ठगी के शिकार लोग अपने तनाव को खुलकर नहीं बताते। ऐसे में परिवार वालों को उनके व्यवहार पर नजर रखने की जरूरत है, ताकि समय रहते मदद की जा सके।
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