टकराव की ओर दुनिया: अमेरिका-चीन के बीच टैरिफ वॉर ने बढ़ाया वैश्विक तनाव, WTO पहुंचा मामला
दुनिया के दो सबसे बड़े आर्थिक महाशक्तियों के बीच चल रहे टैरिफ युद्ध ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक टैरिफ नीति ने वैश्विक स्तर पर व्यापारिक हलचलों को झकझोर कर रख दिया है। अब यह लड़ाई केवल जुबानी जंग तक सीमित नहीं रही, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंच गई है। ताजा घटनाक्रम में चीन ने अमेरिका द्वारा चीनी उत्पादों पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ के खिलाफ विश्व व्यापार संगठन (WTO) में औपचारिक शिकायत दर्ज कर दी है।
बीजिंग से आए एक आधिकारिक बयान में बताया गया है कि चीन ने अमेरिकी प्रशासन की उस नीति का विरोध किया है, जिसके तहत चीन से आयातित वस्तुओं पर 50% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया है। चीन का कहना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों का उल्लंघन करता है और इसके दूरगामी परिणाम वैश्विक व्यापार व्यवस्था को अस्थिर करने वाले साबित हो सकते हैं।
यह कोई पहली बार नहीं है जब चीन ने इस तरह की आपत्ति दर्ज कराई हो। इससे पहले भी चीन ने अमेरिका की नीतियों को लेकर डब्ल्यूटीओ का दरवाजा खटखटाया था। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की ओर से इस तरह के एकतरफा फैसले न केवल चीन के साथ संबंधों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, बल्कि इससे वैश्विक सप्लाई चेन भी बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकाल में “अमेरिका फर्स्ट” नीति के तहत कई देशों पर टैरिफ लगाए गए थे, लेकिन चीन के साथ यह व्यापारिक तनाव एक तरह की खुली आर्थिक जंग में तब्दील हो गया। अमेरिका का आरोप है कि चीन अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस अपना रहा है, जबकि चीन इसे दबाव बनाने की रणनीति करार दे रहा है।
इस टैरिफ वॉर का असर केवल इन दो देशों तक सीमित नहीं है। वैश्विक स्तर पर व्यापार जगत में अनिश्चितता का माहौल बन चुका है। निवेशकों में भय है, शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है और कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां सप्लाई चेन के विकल्प तलाशने लगी हैं।
अब जब मामला विश्व व्यापार संगठन तक पहुंच चुका है, तो निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि WTO इस विवाद पर क्या फैसला लेता है और क्या यह तनाव कम करने की दिशा में कोई भूमिका निभा पाएगा। फिलहाल इतना तय है कि अमेरिका-चीन टैरिफ वॉर का अगला अध्याय न केवल इन दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित करेगा, बल्कि इसका गहरा असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।
क्या यह टैरिफ वॉर महज व्यापारिक नीति है या इसके पीछे कोई बड़ी कूटनीतिक रणनीति छिपी है? आने वाले दिन इस पर से पर्दा हटा सकते हैं। फिलहाल, यह जंग थमती नजर नहीं आ रही – और इसके झटके पूरी दुनिया को महसूस होने लगे हैं।
Share this content:
