शुरुआत में पिछड़ी, फिर दिखाई शूटर वाली धार… सिफत कौर समरा ने रच दिया इतिहास, अर्जेंटीना में लहराया तिरंगा!”
अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में चल रहे आईएसएसएफ शूटिंग वर्ल्ड कप में भारत की युवा निशानेबाज सिफत कौर समरा ने वो कर दिखाया, जो देश के लिए गर्व और प्रेरणा की मिसाल बन गया। फरीदकोट, पंजाब की 23 साल की यह शूटर विश्व स्तर की दिग्गज निशानेबाजों के बीच शुरुआती संघर्ष के बावजूद जबरदस्त वापसी करते हुए स्वर्ण पदक जीतने में सफल रही। यह उनका पहला व्यक्तिगत गोल्ड मेडल है और इस जीत के साथ उन्होंने न केवल टूर्नामेंट में भारत को पहला स्वर्ण दिलाया, बल्कि दुनिया को बता दिया कि वह अब केवल एक उभरता नाम नहीं, बल्कि एक चैंपियन है।
शुरुआत में पिछड़ने के बाद संभाला मोर्चा
महिला 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन इवेंट में उतरने के बाद सिफत की शुरुआत अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही। वह नीलिंग पोजीशन में अपने पहले 15 शॉट्स के बाद जर्मनी की अनुभवी शूटर अनीता मैंगोल्ड से 7.2 अंक पीछे थीं। इस दौरान ऐसा लग रहा था कि पदक की उम्मीदें कमजोर पड़ सकती हैं, लेकिन यहीं से शुरू हुआ सिफत का कमाल। उन्होंने प्रोन और स्टैंडिंग पोजीशन में जबरदस्त निशानेबाजी करते हुए धीरे-धीरे बढ़त बनाना शुरू किया।
फाइनल में पलटा पूरा खेल
45 शॉट्स के इस रोमांचक फाइनल में सिफत कौर ने 458.6 अंक हासिल कर पहला स्थान पक्का किया, जबकि जर्मनी की मैंगोल्ड 455.3 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। तीसरे स्थान पर कजाकिस्तान की अरीना अल्तुखोवा रहीं, जिन्होंने 445.9 के स्कोर के साथ 44वें शॉट के बाद फाइनल से बाहर हो गईं।
क्वालीफाइंग में भी रही सबसे आगे
सिफत का प्रदर्शन केवल फाइनल में ही नहीं, बल्कि क्वालीफाइंग में भी दमदार रहा। उन्होंने 590 का स्कोर बनाकर पहले स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई थी। यह भी उल्लेखनीय है कि इस दौरान कई बड़े नाम क्वालीफाइंग चरण भी पार नहीं कर पाए। स्विट्जरलैंड की मौजूदा ओलंपिक चैंपियन चियारा लियोन, पूर्व ओलंपिक चैंपियन नीना क्रिस्टन, कजाकिस्तान की एलेक्जेंड्रिया ले और अमेरिका की मैरी टकर जैसी दिग्गजों को बाहर होना पड़ा।
मनु भाकर भी पहुंचीं फाइनल, लेकिन…
भारत की ओर से अनुभवी शूटर मनु भाकर भी इस इवेंट के फाइनल में पहुंची थीं, लेकिन वह छठे स्थान से संतोष करना पड़ा। हालांकि, इस बार युवा सितारों ने भारत की झोली में पदक डालने में बड़ी भूमिका निभाई।
भारत के लिए पदकों का खाता खुला
टूर्नामेंट के पहले दिन भारत के हिस्से कोई पदक नहीं आया था, लेकिन अब तक भारत के नाम 1 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य पदक हो चुका है। पुरुष 3 पी इवेंट में चैन सिंह ने कांस्य पदक जीता। वहीं, एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम की विश्व चैंपियन ईशा सिंह ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल इवेंट में 35 अंक हासिल किए और रजत पदक जीता। इस इवेंट में चीन की सुन युजी ने 38 हिट के साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा किया, जबकि उनकी हमवतन फेंग सिक्जुआन ने कांस्य पदक हासिल किया।
एक नई शुरुआत की झलक
सिफत कौर समरा की इस ऐतिहासिक जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारत की युवा प्रतिभाएं अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करने के लिए तैयार हैं। उनकी यह जीत सिर्फ एक स्वर्ण पदक नहीं, बल्कि हर उस युवा खिलाड़ी के लिए उम्मीद की किरण है जो खुद को साबित करना चाहता है।
अब निगाहें बाकी इवेंट्स पर टिकी हैं, जहां भारत के अन्य निशानेबाज देश के लिए और पदक जीतने की तैयारी में हैं। लेकिन एक बात तय है — सिफत की यह जीत भारतीय शूटिंग के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो चुकी है।
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