चुनरी से लटका प्रेमी, पास बैठी रोती रही प्रेमिका! खेत में मिली लाश ने गांव में मचा दी सनसनी”
बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र के कुरड़ीखेड़ा-बारूगढ़ मार्ग पर रविवार सुबह एक ऐसा मंजर देखने को मिला जिसने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया। खेत के बीचोंबीच एक युवक का शव पेड़ से लटका मिला और वहीं पास में एक लड़की बैठी ज़ार-ज़ार रो रही थी। यह घटना न सिर्फ एक अधूरी मोहब्बत की दास्तान कहती है, बल्कि समाज की उन जटिल सच्चाइयों से भी पर्दा उठाती है, जो अब भी प्रेम को स्वीकारने से कतराती हैं।
सुबह-सुबह गांव में फैली मातमी खामोशी
रविवार सुबह करीब 6 बजे जब ग्रामीण खेतों की ओर निकले तो उन्हें किसी के रोने की आवाज सुनाई दी। पास जाकर देखा तो एक युवक का शव पेड़ से लटका हुआ था और एक युवती शव के पास बैठी थी, जो बार-बार यही कह रही थी—”उसने मेरी चुनरी से फंदा लगाकर जान दे दी।”
मृतक की पहचान 20 वर्षीय समरेज पुत्र हमीद उर्फ भूरा, निवासी गांव बारूगढ़, के रूप में हुई। युवती ने बताया कि समरेज ने उसी की चुन्नी से फांसी लगाकर आत्महत्या की है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
प्रेम कहानी जो समाज की सीमाओं में उलझ गई
ग्रामीणों के अनुसार, युवक और युवती के बीच लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। यह बात गांव में सार्वजनिक हो चुकी थी और इस संबंध में पंचायत भी हो चुकी थी। दोनों अलग-अलग समुदाय से ताल्लुक रखते थे, जिससे उनका रिश्ता गांव और परिवार के लिए अस्वीकार्य था।
युवती पड़ोस के ही गांव की रहने वाली है और परिजन उसे नाबालिग बता रहे हैं। घटना के बाद से युवती कुछ भी स्पष्ट रूप से बताने की स्थिति में नहीं है। पुलिस फिलहाल मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
प्रश्न खड़े करता एक मौन शव
क्या यह आत्महत्या है या किसी दबाव का परिणाम? क्या समाज के डर से समरेज ने जान दी, या कोई और वजह थी? लड़की की उम्र, सामाजिक दबाव और पंचायत की भूमिका जैसे कई सवाल अब पुलिस जांच के घेरे में हैं।
पुलिस का बयान
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारण की सच्चाई सामने आ सकेगी। वर्तमान में मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है, खासकर लड़की के नाबालिग होने और प्रेम प्रसंग को लेकर।
गांव में पसरा सन्नाटा, रिश्तों पर खड़े सवाल
इस दर्दनाक घटना ने पूरे गांव में मातम फैला दिया है। खेत में पड़ा युवक का शव और पास बैठी युवती की चीखें अब एक अधूरी प्रेम कहानी की आखिरी गवाही बन चुकी हैं।
यह मामला सिर्फ आत्महत्या नहीं, बल्कि समाज की उन सख्त दीवारों का भी आईना है, जो प्रेम को अब भी जाति और धर्म के तराजू पर तोलती हैं। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच क्या मोड़ लेती है और क्या प्रेम के इस अंत को न्याय मिल पाएगा।
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