April 30, 2026

क्या CSK की कप्तानी में दिख रही कमजोरी ने टीम के आईपीएल खिताब जीतने की उम्मीदों को चीर दिया?

आईपीएल 2025 में अब तक की घटनाएं ये साफ इशारा कर रही हैं कि सीएसके को हराने का फॉर्मूला अब टीमों के पास है। पिछले कुछ समय में चेन्नई सुपर किंग्स की टीम की कमजोरियों का पर्दा उठता नजर आ रहा है, और सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि वह 180 से ज्यादा रन का लक्ष्य चेज़ करने में नाकाम हो रही है। ये कमजोरी पहले एमएस धोनी की कप्तानी में दिखने लगी थी और अब ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी में और स्पष्ट हो गई है।

राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 30 मार्च को खेले गए आईपीएल 2025 के मुकाबले में एक बार फिर चेन्नई को 180 से ऊपर का टारगेट मिला, लेकिन वह उसे चेज़ नहीं कर सकी और मैच हार गई। यह वही सीएसके की आदत बन गई है, जो पिछले 9 मैचों में ऐसी परिस्थिति से जूझती दिख रही है।

धोनी की कप्तानी में ये कमजोरी शुरू हुई

आईपीएल के पिछले सीज़न, यानी 2020 से जब एमएस धोनी की कप्तानी में सीएसके को 180 या उससे ज्यादा रन चेज़ करने का मौका मिला, तब से ये समस्या सामने आने लगी थी। राजस्थान रॉयल्स ने उस सीज़न में 217 रन का टारगेट दिया, और सीएसके उसे हासिल करने में नाकाम रही। इसके बाद आईपीएल 2022 में पंजाब किंग्स ने भी सीएसके के सामने 180+ रन का टारगेट रखा और दोनों बार सीएसके उस लक्ष्य को चेज़ नहीं कर पाई। हालांकि, 2023 में चेन्नई ने आईपीएल का खिताब जीत लिया, लेकिन राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ फिर से 2023 रन का टारगेट चेज़ करने में असफल रही।

गायकवाड़ की कप्तानी में और भी बढ़ी कमजोरी

ऋतुराज गायकवाड़ के कप्तान बनने के बाद भी सीएसके का हाल नहीं बदला। आईपीएल 2024 में गुजरात टाइटंस ने सीएसके को 232 रन चेज़ करने का टारगेट दिया, और वह भी सीएसके के लिए मुश्किल साबित हुआ। उसी सीज़न में RCB ने 224 रन का लक्ष्य दिया, लेकिन चेन्नई उस लक्ष्य को भी हासिल नहीं कर पाई। और अब आईपीएल 2025 में, सीएसके को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर से 197 रन का लक्ष्य मिला और एक बार फिर वह लक्ष्य चेज़ करने में नाकाम रही। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 183 रन का टारगेट भी सीएसके के लिए बहुत भारी साबित हुआ।

क्या अब ये कमजोर कड़ी सीएसके को IPL खिताब से दूर कर देगी?

अगर आंकड़ों पर गौर किया जाए, तो यह बेहद साफ है कि 180+ रन का टारगेट चेन्नई सुपर किंग्स को हराने के लिए अब एक कारगर रणनीति बन चुकी है। धोनी की कप्तानी के आखिरी दिनों में दिखने वाली इस कमजोरी ने ऋतुराज की कप्तानी में और भी मजबूती पकड़ ली है। अगर सीएसके ने इस कमजोरी पर जल्द ही कोई कदम नहीं उठाया, तो यह आईपीएल के खिताब पर उनकी पकड़ को कमजोर कर सकता है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या चेन्नई सुपर किंग्स अपने इस जंगली टारगेट चेज़ की कमजोरी को सुधार पाएगी, या फिर एक बार फिर आईपीएल के खिताब से दूर हो जाएगी?

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