April 20, 2026

खतरनाक ‘डंकी रूट’ के जरिए अवैध इमिग्रेशन: NIA ने प्रमुख आरोपी को किया गिरफ्तार, खुलासा हुआ मानव तस्करी के नेटवर्क का

नई दिल्ली: एक शख्स को अवैध तरीके से अमेरिका भेजने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने पीड़ित को ‘डंकी रूट’ का उपयोग करके देश से बाहर भेजने का प्रयास किया था। इस मामले में पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर के रहने वाले आरोपी गगनदीप सिंह उर्फ गोल्डी को NIA ने गिरफ्तार किया है। यह मामला पहले पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था, लेकिन एनआईए ने इसे 13 मार्च को अपने हाथ में ले लिया और जांच तेज कर दी।

डंकी रूट क्या है? ‘डंकी रूट’ शब्द का इस्तेमाल अवैध इमिग्रेशन के लिए किया जाता है, जिसमें शोषण और मानव तस्करी के जरिए अप्रवासी लोग बिना सही दस्तावेजों के अमेरिका जैसे देशों में घुसपैठ करते हैं। यह रास्ता आमतौर पर मानव तस्करी सिंडिकेट द्वारा तैयार किया जाता है, जो अपने सैकड़ों पीड़ितों को इस खतरनाक मार्ग से भेजने में मदद करता है। ‘डंकी’ शब्द की उत्पत्ति ‘donkey’ से हुई है, जो इन अवैध रास्तों की मुश्किलों और संघर्षों को दर्शाता है।

पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई NIA के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, एक पीड़ित ने गगनदीप सिंह उर्फ गोल्डी पर आरोप लगाया कि उसने लगभग 45 लाख रुपये लेकर उसे अवैध रूप से अमेरिका भेजने का वादा किया था। पीड़ित को दिसंबर 2024 में इस डंकी रूट के माध्यम से अमेरिका भेजा गया था। लेकिन, अमेरिकी अधिकारियों ने 15 फरवरी 2025 को उसे भारत वापस भेज दिया, जिसके बाद उसने इस मामले में गोल्डी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

मानव तस्करी और शोषण का खुलासा एनआईए की जांच में यह सामने आया कि गोल्डी के पास लोगों को विदेश भेजने के लिए कोई कानूनी लाइसेंस, परमिट या रजिस्ट्रेशन नहीं था। उसने अवैध रूप से डंकी रूट का इस्तेमाल करते हुए पीड़ित को स्पेन, अल साल्वाडोर, ग्वाटेमाला और मैक्सिको के रास्ते अमेरिका भेजा। इसके अलावा, जांच में यह भी खुलासा हुआ कि गोल्डी के सहयोगियों ने पीड़ित के साथ मारपीट की और उससे डॉलर छीन लिए।

केंद्रीय मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लोकसभा में दी जानकारी लोकसभा में 28 मार्च को केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने एक सवाल के जवाब में बताया कि जनवरी 2025 से अब तक अमेरिका से कुल 636 भारतीय नागरिकों को भारत वापस भेजा गया है। यह संख्या इस बात का संकेत देती है कि अवैध इमिग्रेशन और मानव तस्करी के मामले न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी बढ़ रहे हैं।

यह मामला इस बात की ओर भी इशारा करता है कि भारत में मानव तस्करी और अवैध इमिग्रेशन को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस प्रकार के शोषण से बचा जा सके। NIA की कार्रवाई और जांच से उम्मीद है कि इस कड़ी में और भी आरोपियों का खुलासा होगा, जो अवैध इमिग्रेशन के लिए ऐसे खतरनाक रास्तों का इस्तेमाल करते हैं।

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