सांप्रदायिक तनाव और हत्या की साजिश के आरोप में बीजेपी विधायक नंद किशोर गुर्जर का जवाब, पार्टी में हलचल
गाजियाबाद के लोनी से बीजेपी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने अनुशासनहीनता के आरोप में जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब भेजते हुए एक गंभीर आरोप लगाया है कि राम कथा से पहले आयोजित एक कलश यात्रा के दौरान सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न करने और उनकी हत्या की साजिश रची गई थी।
विधायक ने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी को भेजे गए अपने स्पष्टीकरण में दावा किया कि एक आईपीएस अधिकारी ने उन्हें पहले ही सूचित कर दिया था कि पुलिस राम कथा से पहले आयोजित इस कलश यात्रा में बाधा उत्पन्न करेगी और उन्हें निशाना बनाने के लिए लाठियां बरसाएगी। साथ ही, गुर्जर ने यह भी कहा कि तीन मुस्लिम युवकों ने उन्हें चेतावनी दी थी कि पुलिस और कुछ तत्व मिलकर लोनी में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के लिए पत्थरबाजी की योजना बना रहे थे और उन्हें गोली मारने का प्रयास किया जाएगा।
विधायक ने कहा कि उन्होंने लोनी प्रशासन से कलश यात्रा के आयोजन के लिए अनुमति ली थी, बावजूद इसके पुलिस ने न केवल यात्रा को रोका, बल्कि महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार भी किया। उनका आरोप है कि पुलिस ने उपवास में नंगे पैर चल रही महिलाओं के साथ मारपीट की और उन्हें गंभीर चोटें पहुंचाईं। उन्होंने यह भी बताया कि लखनऊ से तैनात एक आईपीएस अधिकारी ने उन्हें यह जानकारी दी थी कि पुलिस उन्हें और उनके समर्थकों पर लाठियां बरसाने और गोली चलाने की योजना बना रही थी।
नंद किशोर गुर्जर ने यह भी सवाल उठाया कि अगर राम कथा का आयोजन अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है तो पार्टी को इसे रोकने के निर्देश देने चाहिए। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे पर पार्टी से विचार करेंगे और उम्मीद करते हैं कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने महिलाओं पर लाठीचार्ज किया।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने 23 मार्च को गुर्जर को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसमें पार्टी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के आरोप लगाए गए थे। विधायक ने इसके जवाब में राज्य सरकार और पुलिस की आलोचना की है, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान सरकार सबसे भ्रष्ट है और अधिकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गुमराह कर रहे हैं।
बीजेपी विधायक के इस जवाब ने पार्टी में हलचल मचा दी है, और यह सवाल उठने लगा है कि क्या पार्टी गुर्जर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी या इस मुद्दे को और बढ़ने से रोकने का प्रयास करेगी।
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