April 20, 2026

उत्तर प्रदेश सरकार ने नवरात्रि और राम नवमी के लिए धार्मिक स्थलों के पास मांस बिक्री पर प्रतिबंध लगाया

उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार को एक अहम कदम उठाते हुए नौ दिवसीय चैत्र नवरात्रि के आरंभ से पहले अवैध बूचड़खानों को बंद करने और धार्मिक स्थलों के 500 मीटर के दायरे में मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, विशेष रूप से 6 अप्रैल को रामनवमी के अवसर पर पशु वध और मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा की गई है।

सख्त कार्रवाई के आदेश, धार्मिक स्थलों पर कड़ा प्रतिबंध

उत्तर प्रदेश के नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव, अमृत अभिजात ने शनिवार को सभी जिलाधिकारियों, पुलिस आयुक्तों और नगर आयुक्तों को निर्देश जारी किया है कि वे अवैध बूचड़खानों को तुरंत बंद करें और धार्मिक स्थलों के पास मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लागू करें। इस निर्णय का उद्देश्य धार्मिक स्थलों के पास किसी भी तरह की अव्यवस्था और अशांति को रोकना है, ताकि श्रद्धालु नवरात्रि और रामनवमी जैसे धार्मिक अवसरों को शांतिपूर्ण माहौल में मना सकें।

उत्तर प्रदेश सरकार ने 2014 और 2017 में जारी किए गए आदेशों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि धार्मिक स्थलों के पास मांस की बिक्री और अवैध पशु वध पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। इस फैसले को लागू करने के लिए जिला स्तर पर समितियों का गठन किया गया है, जिनकी अध्यक्षता जिलाधिकारियों द्वारा की जाएगी। इन समितियों में पुलिस, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पशुपालन विभाग, परिवहन विभाग, श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अधिकारी शामिल होंगे, जो सुनिश्चित करेंगे कि सभी नियमों का पालन किया जाए।

रामनवमी के दिन विशेष प्रतिबंध, दुकानें रहेंगी बंद

इसके अलावा, सरकार ने साफ किया है कि 6 अप्रैल को रामनवमी के दिन मांस और मछली की दुकानों को पूरी तरह से बंद रखा जाएगा। न केवल धार्मिक स्थलों के पास, बल्कि 500 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार की मांस या मछली की बिक्री नहीं होगी। इसके अलावा, लाइसेंस प्राप्त दुकानदारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे केवल निर्धारित नियमों के तहत कार्य करें और खुले में बिक्री नहीं करें।

श्रीरामचरितमानस का अखंड पाठ, सीएम ने की तैयारियों की समीक्षा

चैत्र नवरात्रि और रामनवमी के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों के मंदिरों में श्रीरामचरितमानस का अखंड पाठ करवाने का निर्देश दिया है। पांच अप्रैल को इस पाठ की शुरुआत होगी, और उसकी पूर्णाहुति 6 अप्रैल को श्रीराम नवमी के दिन दोपहर 12 बजे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में सूर्य तिलक के साथ की जाएगी। इस आयोजन को लेकर मुख्यमंत्री ने शनिवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की और कहा कि प्रमुख देवी मंदिरों और शक्तिपीठों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होगा। उन्होंने यह भी बताया कि अयोध्या में सूर्य तिलक के दर्शन करने के लिए पूरे देश से श्रद्धालु पहुंच सकते हैं।

शक्ति के प्रतीक रामनवमी, प्रदेशभर में भव्य आयोजन की तैयारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से बलरामपुर, सहारनपुर, मिर्जापुर जैसे प्रमुख देवी मंदिरों और शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रामनवमी का त्योहार देशभर में श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है, और इस दिन अयोध्या में श्रीरामलला के दर्शन के लिए लाखों लोग एकत्र हो सकते हैं।

नवरात्रि और रामनवमी की तैयारियों में जुटी यूपी सरकार

उत्तर प्रदेश सरकार ने धार्मिक और सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए नवरात्रि और रामनवमी के दौरान सभी जरूरी इंतजाम किए हैं। प्रतिबंधों और आदेशों का पालन करने के लिए प्रदेशभर में प्रशासनिक स्तर पर कई कदम उठाए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की असमझी या विवाद की स्थिति न बने। इस दौरान प्रदेश सरकार की तरफ से धार्मिक स्थलों और वहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिससे कि नवरात्रि और रामनवमी के पर्व को शांति और श्रद्धा के साथ मनाया जा सके।

मांस बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सरकार की नई पहल का असर

उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम धार्मिक माहौल को शांतिपूर्ण बनाने के लिए बहुत अहम साबित हो सकता है, जहां धार्मिक त्योहारों के दौरान मांस बिक्री और अवैध पशु वध से उत्पन्न होने वाली विवादों की संभावना को काफी हद तक कम किया जाएगा। विशेष रूप से रामनवमी के दिन लागू होने वाले प्रतिबंध और धार्मिक स्थलों के आसपास के क्षेत्रों में की जाने वाली सख्ती से सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सभी लोग अपने धार्मिक कार्यों को बिना किसी व्यवधान के पूरा कर सकें।

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