April 20, 2026

बुलंदशहर में देव प्रतिमाओं को तोड़ने की कोशिश, गांव में हंगामा, पुलिस ने 24 घंटे में कार्रवाई का दिया आश्वासन

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के नारऊ गांव में नवरात्रि की पूर्व संध्या पर एक शर्मनाक घटना सामने आई, जिसमें असामाजिक तत्वों ने देव प्रतिमाओं को तोड़ने की कोशिश की। यह घटना न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली थी, बल्कि इसने गांव में तनाव का माहौल भी पैदा कर दिया। हालांकि, गांववासियों और हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं की तत्परता से असामाजिक तत्वों की यह कोशिश नाकाम हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित लोगों को विश्वास दिलाया कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही नई प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी।

यह घटना बुलंदशहर के थाना छतारी क्षेत्र के नारऊ गांव के मुस्लिम बहुल इलाके में स्थित पथवारी माता के मंदिर में हुई। नवरात्रि के पहले दिन, असामाजिक तत्वों ने शेरावाली माता और शिव परिवार की प्रतिमाओं को तोड़ने का प्रयास किया। जैसे ही यह खबर गांव में फैली, गांववाले और हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता एकजुट हो गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। गांव में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी हरकत में आ गया और तत्काल मामले की जांच शुरू की।

मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने गुस्साए ग्रामीणों को शांत करने के लिए यह आश्वासन दिया कि 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा और साथ ही नई देव प्रतिमाएं भी स्थापित की जाएंगी। इस आश्वासन के बाद ही गांववालों और संगठन कार्यकर्ताओं का गुस्सा शांत हुआ।

स्थानीय पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और दो टीमें गठित की हैं ताकि आरोपियों तक जल्दी पहुंचा जा सके। डिबाई सीओ शोभित कुमार ने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं में शामिल असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि जो लोग गांव में माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।

इसके साथ ही, ग्रामीणों से अपील की गई कि वे शांति बनाए रखें और पुलिस की कार्रवाई में सहयोग करें। पुलिस ने यह भी कहा कि इस घटना की जांच जारी रहेगी और दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

गांव में स्थित पथवारी माता के मंदिर में यह पहली बार नहीं हुआ, लेकिन इस बार यह घटना नवरात्रि जैसे पवित्र पर्व से पहले हुई, जिससे धार्मिक संवेदनाओं में और भी ज्यादा उबाल आ गया। पुलिस और प्रशासन के प्रयासों के बाद, फिलहाल गांव में शांति कायम है, लेकिन यह घटना धार्मिक सद्भावना और समाज में सामंजस्य की दिशा में एक बड़ा सवाल खड़ा करती है।

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