सावधानी और विश्वास की आड़ में अलीगढ़ में विवादित घटना: हिंदू व्यापारी ने मस्जिद में नमाज पढ़ी
अलीगढ़ के मामू भांजा बाजार में एक विवादित घटना सामने आई है, जब एक हिंदू व्यापारी मस्जिद में नमाज अदा करता हुआ पाया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद इलाके के व्यापारियों में हलचल मच गई। वायरल वीडियो के बाद, मस्जिद में नमाज अदा करने वाले व्यापारी को मंदिर ले जाया गया, जहां उसे शुद्धिकरण करवाने के बाद सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाई गई और फिर कसम खिलाई गई कि वह भविष्य में ऐसी गलती नहीं करेगा।
यह घटना शुक्रवार को जुम्मा अलविदा के दिन हुई, जब सुनील कुमार राजानी, जो मामू भांजा बाजार में एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान चलाते हैं, अचानक मस्जिद में टोपी पहनकर नमाज अदा करने पहुंचे। वहां उन्होंने अन्य नमाजियों के साथ कतार में खड़े होकर नमाज पढ़ी। घटना का वीडियो कुछ देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और इसके बाद स्थानीय व्यापारियों के बीच इस पर विवाद उत्पन्न हो गया।
वीडियो वायरल होते ही व्यापारियों ने इस पर तीव्र प्रतिक्रिया दी। सुनील कुमार राजानी को मस्जिद से बाहर निकाला गया और उन्हें मंदिर में ले जाकर शुद्धिकरण कराते हुए माफी मंगवाई गई। मंदिर में पूजा अर्चना के दौरान ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए गए और व्यापारी ने वहां कसम खाई कि वह भविष्य में ऐसी गलती नहीं करेगा।
इस मामले पर व्यापारी गिरिराज माहेश्वरी ने बताया कि सुनील पिछले कुछ वर्षों से बीमार चल रहे थे और हाल ही में उन्हें पैरालिसिस हो गया था। मानसिक संतुलन बिगड़ने की वजह से उन्होंने मस्जिद में नमाज पढ़ने का निर्णय लिया था, जो कि एक गलत कदम था। इस घटना के बाद व्यापारियों ने उन्हें माफी दिलवाने के बाद उनके शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी की।
भारतीय जनता पार्टी के कोषाध्यक्ष और व्यापारी मोनू अग्रवाल ने बताया कि एक फकीर ने करीब एक हफ्ते पहले सुनील कुमार से कहा था कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं हो रहा है और यदि वह मस्जिद में नमाज पढ़ेंगे तो उनका स्वास्थ्य बेहतर हो जाएगा। फकीर के इस बयान पर विश्वास करके सुनील ने जुम्मा अलविदा के दिन मस्जिद में नमाज अदा की, जो कि बाद में एक विवाद का कारण बन गया।
घटना के बाद सुनील कुमार ने मंदिर में हनुमान की मूर्ति के सामने कसम खाई कि वह भविष्य में हिंदू धर्म और उसकी परंपराओं का पालन करेंगे और किसी अन्य धर्म के स्थानों पर नहीं जाएंगे। इस शुद्धिकरण और माफी की प्रक्रिया के बाद मामला शांत हुआ और व्यापारी ने अपनी गलती स्वीकार की।
यह घटना अलीगढ़ में एक बड़ा विवाद बन गई है, और अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह घटना किसी बहकावे का परिणाम थी या एक गंभीर धार्मिक विवाद का हिस्सा थी।
Share this content:
