April 20, 2026

राजनाथ सिंह ने औरंगजेब को महिमामंडित करने वालों को दिया करारा जवाब

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को एक कार्यक्रम में औरंगजेब को महिमामंडित करने वालों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि औरंगजेब ने न केवल भारत की जनता को मज़हब के आधार पर बांटा, बल्कि अन्य धर्मों के अनुयायियों पर जुल्म भी किए। राजनाथ सिंह ने यह टिप्पणी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के महिला मोर्चा द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में की, जिसमें उन्होंने तमिल रानी वेलु नचियार को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि औरंगजेब जैसे तानाशाहों के खिलाफ रानी चेन्नम्मा ने मराठा राजाओं के साथ मिलकर संघर्ष किया था, और उनकी बहादुरी को कभी नहीं भूलना चाहिए।

रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग आज के समय में औरंगजेब को अपना आदर्श मानने लगे हैं। इस पर उन्होंने जोर देते हुए कहा कि औरंगजेब ने देश में सिर्फ और सिर्फ संघर्ष, विभाजन और जुल्मों का माहौल पैदा किया।

राजनाथ सिंह ने डीएमके पर साधा निशाना

रक्षा मंत्री ने इस दौरान भाषा के मुद्दे पर भी डीएमके पार्टी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह की भाषा विवाद को बढ़ावा नहीं देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं के बीच कोई प्रतिस्पर्धा नहीं होनी चाहिए, बल्कि दोनों के बीच सहयोग की भावना होनी चाहिए। उनका कहना था कि भाषा के नाम पर देश को तोड़ने के प्रयास बंद होने चाहिए।

डीएमके, जो तमिलनाडु में सत्ता में है, बीजेपी सरकार पर हिंदी थोपने का आरोप लगा रही है, और यह विवाद राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर और भी तूल पकड़ सकता है। राजनाथ सिंह ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ लोग इस मुद्दे को बढ़ा रहे हैं और तमिल तथा हिंदी भाषाओं के बीच विवाद पैदा कर रहे हैं। उन्होंने भारतीय भाषाओं के बीच तालमेल को बढ़ावा देने की बात की।

महिलाओं के नेतृत्व में विकास का युग

राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने देश में महिलाओं के नेतृत्व में विकास के युग की शुरुआत की है। अब महिलाओं को सशस्त्र बलों में स्थायी कमीशन मिल रहा है, जो एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने तमिलनाडु की रानी मंगम्माल को भी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने अपने शासन के दौरान महत्वपूर्ण योगदान दिया था। रानी मंगम्माल की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 18वीं सदी की रानी वेलु नचियार की प्रशंसा करते हुए उन्हें ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष करने वाली प्रेरणादायी शख्सियत बताया था। राजनाथ सिंह ने कहा कि ऐसी महिलाएं हमारे इतिहास का अभिन्न हिस्सा हैं और उनके योगदान से देश को हमेशा प्रेरणा मिलती रहेगी।

आगे की राह

राजनाथ सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत को एकजुटता, भाईचारे और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ना होगा, और किसी भी तरह के विभाजन को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनके अनुसार, एकता और सहयोग ही भारतीय समाज की असली ताकत हैं, और यह देश को न केवल आज़ादी के संघर्ष से बल्कि आने वाले समय में भी ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगा।

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