भारत का ऑपरेशन ब्रह्मा: म्यांमार को राहत देने के लिए भारी मदद भेजी, जानिए अब तक क्या भेजा गया
म्यांमार में शुक्रवार, 29 मार्च 2025 को आए 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप ने पूरे देश में भारी तबाही मचाई है। इस भीषण आपदा में अब तक 1,644 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,000 से अधिक लोग घायल हैं। भूकंप के बाद राहत कार्यों का सामना करते हुए म्यांमार की सरकार और लोग मदद की तलाश में हैं। इसी बीच, भारत ने एकजुटता और मानवीय सहायता के तहत ऑपरेशन ब्रह्मा शुरू किया है, जिसके तहत म्यांमार को कई तरह की राहत सामग्री और सहायता भेजी जा रही है।
ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत भारत ने म्यांमार को तत्काल प्रभाव से राहत पहुंचाना शुरू कर दिया है। 29 मार्च की सुबह करीब 3 बजे हिंडन एयरफोर्स बेस से एक विमान 15 टन राहत सामग्री लेकर उड़ा। यह विमान भारतीय समयानुसार सुबह करीब 8 बजे यांगून पहुंचा। इसके बाद, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पुष्टि की कि राहत सामग्री की पहली खेप यांगून में पहुंच चुकी है और यह म्यांमार के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा साबित हो रही है।
ऑपरेशन ब्रह्मा: म्यांमार को भेजी गई राहत सामग्री
भारत ने ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत म्यांमार को भेजी गई राहत सामग्री में टेंट, कंबल, स्लीपिंग बैग, भोजन के पैकेट, स्वच्छता किट, जनरेटर और जरूरी दवाएं शामिल हैं। इन राहत सामग्री को यांगून एयरपोर्ट पर म्यांमार के मुख्यमंत्री यू सो थीन के हाथों औपचारिक रूप से सौंपा गया। राहत सामग्री की यह पहली खेप 29 मार्च को म्यांमार पहुंची थी, और इसे वहां के अधिकारियों द्वारा स्वीकार किया गया।
इसी दिन, भारत ने एनडीआरएफ के 80 सदस्यीय एक दल को म्यांमार के लिए भेजा, जो वहां के खोज एवं बचाव कार्यों में सहायता करेंगे। यह दल शनिवार की रात म्यांमार के पेई ताव में उतरा और अपने काम में जुट गया। इसके अलावा, भारतीय नेवी के दो जहाज—आईएनएस सतपुड़ा और आईएनएस सावित्री—40 टन मानवीय सहायता लेकर यांगून बंदरगाह की ओर बढ़े।
भारतीय सेना की तत्परता: 118 सदस्यीय मेडिकल टीम और राहत सामग्री भेजी
साथ ही, भारत ने 118 सदस्यीय भारतीय सेना की फील्ड हॉस्पिटल यूनिट को भी म्यांमार भेजा है, जो चिकित्सा सहायता देने के लिए तैयार है। इस टीम के साथ 60 टन राहत सामग्री भी भेजी गई है। यह विमान आगरा से मांडले के लिए रवाना हुआ और देर रात 11:30 बजे म्यांमार पहुंचा। इसके अलावा, एक और C130 विमान 38 कर्मियों और 10 टन राहत सामग्री के साथ प्यी ताव शहर में शनिवार रात को उतरा। यह विमान भारतीय राहत मिशन का तीसरा विमान था, जो म्यांमार के लिए भेजा गया।
भारत की निरंतर मदद: प्रधानमंत्री मोदी की निगरानी में राहत कार्य
भारत म्यांमार के हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां के शीर्ष नेतृत्व के साथ संपर्क बनाए रखा है। भारत ने ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत म्यांमार को सहायता देने का सिलसिला जारी रखा है, ताकि म्यांमार इस मुश्किल समय से उबर सके और स्थिति जल्द से जल्द सामान्य हो सके। राहत और बचाव कार्यों में पूरी तत्परता से सहयोग देने के लिए भारत की सरकार और सेना निरंतर प्रयासरत हैं।
ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत अभी तक पांच राहत उड़ानें म्यांमार में उतर चुकी हैं, और भारत ने हर संभव प्रयास किया है कि म्यांमार के लोग इस कठिन समय में किसी भी मदद से वंचित न रहें। प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने म्यांमार की सरकार से लगातार संपर्क बनाए रखा है, और भारत की मदद म्यांमार के लिए एक बड़ा सहारा बन रही है।
भारत ने न केवल अपने रिश्ते को मजबूत किया है, बल्कि इस विपत्ति में मानवता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी दर्शाया है। ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत भारत द्वारा भेजी जा रही राहत सामग्री और मेडिकल सहायता म्यांमार के लोगों को इस भयंकर आपदा से उबरने में मदद करेगी।
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