संजय गांधी पीजीआई में 59 नए डॉक्टरों की भर्ती के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया शुरू, स्वास्थ्य सेवाओं में होगा बड़ा सुधार!
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। संस्थान में नए विभागों में डॉक्टरों की भर्ती के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया 1 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। यह भर्ती प्रक्रिया संस्थान के इलाज, शोध और शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
नए विभागों में होगी भर्ती:
संजय गांधी पीजीआई में जिन विभागों में भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है, उनमें पीडियाट्रिक एंडोक्रिनोलॉजी, पीडियाट्रिक यूरोलॉजी, पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजी, सलोनी हार्ट सेंटर, टेलीमेडिसिन और डिजिटल स्वास्थ्य, सिर और गर्दन की सर्जरी, संक्रामक रोग और ऑर्थोपेडिक विभाग शामिल हैं। इन विभागों में 59 डॉक्टरों की भर्ती होगी, जिससे संस्थान की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में नया जोश आएगा और मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
इसके अलावा, इन विभागों में भर्ती के लिए दिसंबर 2024 में विज्ञापन जारी किया गया था और अब साक्षात्कार प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इस प्रक्रिया के बाद अप्रैल महीने में इन पदों पर जॉइनिंग होने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे संस्थान में इलाज की गुणवत्ता में सुधार होगा और यहां के चिकित्सीय और शैक्षिक कार्यों में भी वृद्धि होगी।
सीनियर डॉक्टरों की कमी का समाधान:
संजय गांधी पीजीआई में पिछले चार सालों में 24 डॉक्टरों ने संस्थान छोड़ दिया है, जिनमें से 18 ने इस्तीफा दिया था और 6 ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली। सीनियर डॉक्टरों की कमी को देखते हुए, संस्थान ने कई विभागों में प्रोफेसर पदों को असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में बदल दिया है। इस कदम से संस्थान में सीनियर पदों की खाली सीटों को भरने में मदद मिली है, जिससे विभागों की कार्यप्रणाली पर कोई असर नहीं पड़ा है।
स्वास्थ्य और शोध कार्यों में होगा सुधार:
संजय गांधी पीजीआई के रजिस्ट्रार ले. कर्नल वरुण बाजपेयी ने बताया कि संस्थान ने डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया है और इसी का नतीजा है कि काफी डॉक्टरों ने हाल ही में जॉइन किया है। अब नए विभागों के लिए डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया 1 अप्रैल से शुरू होने जा रही है, जिससे संस्थान के शिक्षण, शोध और इलाज से संबंधित कार्यों में और सुधार होगा।
संस्थान में बदलाव की दिशा:
संजय गांधी पीजीआई में भर्ती की यह प्रक्रिया न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देने वाली है, बल्कि यह पूरे प्रदेश में चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतर व्यवस्था की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। नए विभागों में भर्ती होने वाले डॉक्टरों से इलाज की गुणवत्ता में सुधार होगा और यह मरीजों के इलाज में बड़ी भूमिका निभाएगा।
इसी प्रकार से भर्ती प्रक्रिया को लेकर संस्थान का लक्ष्य है कि वह आने वाले समय में और भी अधिक योग्य डॉक्टरों को संस्थान में शामिल कर सके, ताकि लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और भी बेहतर बनाया जा सके।
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