अमित शाह का छत्तीसगढ़ दौरा: नक्सलवाद के खिलाफ बिगड़े समीकरण और बढ़ी कार्रवाई, क्या 2026 तक मिलेगा नक्सलमुक्त भारत?
गृहमंत्री अमित शाह 4 और 5 अप्रैल को छत्तीसगढ़ का दौरा करेंगे, जहां वह नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान की समीक्षा करेंगे। 5 अप्रैल को, शाह दंतेवाड़ा के एडवांस पोस्ट का दौरा कर नक्सलमुक्त अभियान की प्रगति का मुआयना करेंगे। इसके बाद वह नक्सलवाद के खात्मे के लिए जारी ऑपरेशन की समीक्षा करेंगे और नक्सलवाद प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्री, पुलिस अधिकारियों और अर्धसैनिक बलों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। गृह मंत्री ने 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के पूरी तरह से खात्मे की तारीख निर्धारित की है, जिसे लेकर यह बैठक आयोजित की जा रही है।
नक्सलवाद पर एक और बड़ा प्रहार: सुकमा में 16 नक्सली ढेर
गृहमंत्री शाह के दौरे से एक दिन पहले, 28 मार्च को छत्तीसगढ़ के सुकमा में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए नक्सल विरोधी ऑपरेशन में 16 नक्सलियों को ढेर किया गया। इस अभियान में डीआरजी और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता प्राप्त की, जिसके बाद अमित शाह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी कर इस ऑपरेशन को “नक्सलवाद पर एक और प्रहार” करार दिया। उन्होंने लिखा, “हमारी सुरक्षा एजेंसियों ने सुकमा में एक ऑपरेशन में 16 नक्सलियों को मार गिराया है और भारी मात्रा में स्वचालित हथियार बरामद किए हैं।”
नक्सलवाद के खात्मे की ओर बढ़ते कदम
अमित शाह ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को देश से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और विकास की दिशा में कदम बढ़ाएं। गृह मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब 20 मार्च को बीजापुर और कांकेर में सुरक्षाबलों ने 22 नक्सलियों को मार गिराया था।
क्या 2026 तक भारत होगा नक्सलमुक्त?
अमित शाह ने 20 मार्च को छत्तीसगढ़ में हुई मुठभेड़ के बाद अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने इसे “नक्सलमुक्त भारत अभियान” की दिशा में एक बड़ी सफलता बताया। इस दौरान 22 नक्सली मारे गए थे और सुरक्षा बलों को भारी मात्रा में हथियार भी मिले थे। अब, अमित शाह ने नक्सलवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई को और तेज कर दिया है और यह सवाल उठ रहा है कि क्या 2026 तक भारत वाकई नक्सलमुक्त हो पाएगा?
गृहमंत्री अमित शाह का छत्तीसगढ़ दौरा और नक्सलवाद के खिलाफ जारी ऑपरेशनों के सफल परिणाम यह दिखाते हैं कि केंद्र सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और इसके समाधान के लिए ठोस कदम उठा रही है। अब सभी की निगाहें इस अभियान पर हैं और यह देखना दिलचस्प होगा कि छत्तीसगढ़ और अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में यह प्रयास कितनी सफलता प्राप्त करता है।
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