नवरात्रि के दौरान मांस की दुकानें बंद करने की मांग में इजाफा, शिवसेना नेता संजय निरुपम ने उठाई आवाज, क्या प्रशासन करेगा कदम?
नवरात्रि के पावन पर्व के मद्देनजर देश भर में मांस की दुकानों को बंद करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। दिल्ली और मध्य प्रदेश में पहले ही इस मुद्दे को लेकर चर्चा हो रही थी, अब महाराष्ट्र में भी इस मांग को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने मुंबई में मांस की दुकानों, विशेषकर शवरमा स्टॉल्स को बंद करने की मांग की है, जिसके चलते हिंदू समाज की भावनाएं आहत हो रही हैं। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान बड़े पैमाने पर हिंदू व्रत रखते हैं और देवी पूजा करते हैं, ऐसे में सड़कों पर खुले शवरमा स्टॉल्स और मांसाहारी भोजन बेचना हिंदू धर्म के अनुयायियों की भावनाओं को ठेस पहुंचा रहा है।
क्या नवरात्रि के दौरान मांसाहारी दुकानें बंद होंगी?
संजय निरुपम ने कहा कि अंधेरी ईस्ट क्षेत्र में 250 से अधिक शवरमा स्टॉल हैं, जो नॉनवेज बेच रहे हैं। उनका कहना था कि इन दुकानों को नवरात्रि के दिनों में बंद किया जाना चाहिए ताकि हिंदू समाज की भावनाओं का सम्मान किया जा सके। उन्होंने मुंबई के एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में याचिका दायर करने का भी ऐलान किया है।
दिल्ली और मध्य प्रदेश में पहले हो चुकी है मांग
इससे पहले दिल्ली और मध्य प्रदेश में भी नवरात्रि के दौरान मांसाहारी दुकानें बंद करने की मांग उठाई गई थी। मध्य प्रदेश के बीजेपी विधायकों ने भी इस मुद्दे को उठाया था और उनका कहना था कि यदि 9 दिन के नवरात्रि के दौरान मांस की दुकानें बंद कर दी जाती हैं तो इसमें कोई बुराई नहीं है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा था कि व्रत के दौरान हिंदू धर्म की भावनाओं का सम्मान करना जरूरी है, ताकि समाज में सौहार्द बना रहे।
क्या प्रशासन उठाएगा कदम?
देश भर के कई राज्यों में नवरात्रि के दौरान मांस की दुकानों को बंद करने को लेकर सियासत चल रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इस मांग के प्रति किस तरह का कदम उठाता है और क्या यह विवाद अधिक बढ़ेगा। इन सभी घटनाक्रमों के बीच, नवरात्रि के समय में धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने को लेकर राजनीति और समाज में चर्चा लगातार जारी रहेगी।
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