April 20, 2026

प्रयागराज महाकुंभ 2025 में रेलवे संपत्ति को हुआ 3.13 लाख का नुकसान, रेल मंत्री ने की कार्रवाई की पुष्टि

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 ने दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम होने का गौरव प्राप्त किया, जिसमें 66 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र डुबकी लगाई। हालांकि, इस विशाल आयोजन के दौरान जहां प्रशासन और सरकार की व्यवस्थाओं पर प्रशंसा और आलोचना हुई, वहीं भारतीय रेलवे की संपत्ति को भारी नुकसान हुआ।

महाकुंभ में लाखों यात्रियों ने रेलवे की सुविधा का लाभ उठाया, जिसके परिणामस्वरूप 23 घटनाओं में रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचा। इन घटनाओं में ट्रेन के कोचों के दरवाजों और खिड़कियों के शीशे टूटने के साथ-साथ रेलवे के अन्य संसाधनों को भी नुकसान हुआ। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन घटनाओं के बारे में जानकारी दी और बताया कि कुल नुकसान 3.13 लाख रुपये हुआ है।

इसके अलावा, इन घटनाओं में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने कानूनी कार्रवाई की, और 11 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया। इसके साथ ही, रेल मंत्री ने 15 फरवरी 2025 को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुए भगदड़ हादसे पर भी बात की, जिसमें 18 लोगों की जान चली गई थी। उन्होंने बताया कि 33 पीड़ित परिवारों को 2.01 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि दी गई।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा और सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अयोध्या, दीन दयाल उपाध्याय, पटना जैसे प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की। इसके अलावा, महाकुंभ के दौरान भीड़ की निगरानी के लिए 116 फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) कैमरे और 1200 CCTV कैमरे लगाए गए।

प्रयागराज रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए कुल 15,000 रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के जवान तैनात किए गए थे, जबकि पटरियों और स्टेशनों के नज़दीकी रास्तों की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का भी उपयोग किया गया।

महाकुंभ के आयोजन के दौरान रेलवे की सुरक्षा और व्यवस्था में आई चुनौतियों के बावजूद प्रशासन ने अपनी ओर से कड़ी सुरक्षा और निगरानी सुनिश्चित की। हालांकि, रेलवे संपत्ति के नुकसान और सुरक्षा संबंधी घटनाओं ने इस बड़े धार्मिक आयोजन में प्रशासनिक चुनौतियों को और बढ़ा दिया है।

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