April 20, 2026

असम और पूर्वोत्तर राज्यों में पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट, छह देशों ने यात्रा पर लगाई पाबंदी

असम और पूर्वोत्तर भारत के पर्यटन उद्योग को एक बड़ा झटका लगा है, जब अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और स्विट्जरलैंड सहित छह देशों ने अपने नागरिकों के लिए इन राज्यों की यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया। इन देशों ने असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में कानून और व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है, जिससे राज्य में पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आई है। इस प्रतिबंध के चलते पर्यटन क्षेत्र को गहरा नुकसान हो रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है।

पर्यटकों की संख्या में गिरावट

असम के पर्यटन मंत्री रंजीत कुमार दास ने विधानसभा में यह जानकारी दी कि 2023-24 में राज्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या 70 लाख 67 हजार 335 थी, जो 2024-25 (जनवरी तक) तक घटकर 67 लाख 88 हजार 565 रह गई। यह संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले काफी कम है, जो राज्य सरकार के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है। मंत्री ने यह भी बताया कि वित्त वर्ष 2022-23 में असम में पर्यटकों की संख्या 98 लाख 31 हजार 141 थी, जो इस साल लगभग 30 प्रतिशत तक घट गई है।

प्रतिबंध लगाने वाले देशों की सूची

असम के पर्यटन मंत्री ने विधानसभा में बताया कि जिन देशों ने अपने नागरिकों के लिए असम और पूर्वोत्तर राज्यों की यात्रा पर प्रतिबंध लगाया है, उनमें संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा और स्विट्जरलैंड शामिल हैं। इन देशों का कहना है कि असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में कानून और व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है, जिसकी वजह से वहां के नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

राज्य सरकार की कोशिशें

इस कदम से असम के पर्यटन उद्योग को खासा नुकसान हुआ है, और राज्य सरकार इस स्थिति को सुधारने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। मंत्री दास ने बताया कि राज्य सरकार का पर्यटन विभाग विदेश मंत्रालय के संपर्क में है, ताकि इन देशों से यात्रा प्रतिबंध हटाने के लिए सकारात्मक बातचीत की जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में ऑस्ट्रेलिया से एक उच्च स्तरीय टीम ने असम का दौरा किया, ताकि वे इस मुद्दे पर विचार कर सकें और यात्रा प्रतिबंध हटाने के लिए कदम उठाए जा सकें।

चाय पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल

हालांकि असम में पर्यटकों की संख्या में गिरावट आई है, लेकिन राज्य सरकार ने चाय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष योजना शुरू की है। मंत्री रंजीत कुमार दास ने बताया कि 2022-23 में असम में चाय पर्यटन के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए एक योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत चयनित चाय बागानों को 2 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा, ताकि वहां पर्यटन क्षमता और हेरिटेज बंगलों का विकास किया जा सके। यह कदम राज्य में पर्यटन को पुनः जीवित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

आर्थिक असर और भविष्य की दिशा

असम और पूर्वोत्तर राज्यों की अर्थव्यवस्था में पर्यटन का महत्वपूर्ण योगदान है, और इन देशों द्वारा यात्रा पर प्रतिबंध लगाने से स्थानीय व्यवसायों पर प्रतिकूल असर पड़ा है। कई होटल, पर्यटन कंपनियां, और स्थानीय हस्तशिल्प उद्योग इस गिरावट से प्रभावित हुए हैं। ऐसे में राज्य सरकार के लिए यह अत्यंत आवश्यक हो गया है कि वह अपने पर्यटन क्षेत्र को पुनः पटरी पर लाने के लिए तेजी से कदम उठाए।

असम के पर्यटन उद्योग के सामने यह चुनौती इस बात को रेखांकित करती है कि पर्यटन न केवल सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व रखता है, बल्कि यह आर्थिक दृष्टिकोण से भी राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अब यह देखना होगा कि राज्य सरकार अपनी योजनाओं को कितनी जल्दी लागू करती है और क्या इन देशों से यात्रा प्रतिबंध हटवाने में सफल होती है या नहीं।

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