समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन के बयान पर विवाद, विहिप और बीजेपी ने की कड़ी आलोचना
नई दिल्ली, 23 मार्च 2025 – समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद रामजी लाल सुमन द्वारा राज्यसभा में राणा सांगा को लेकर की गई विवादास्पद टिप्पणी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। सुमन के इस बयान पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कड़ी आलोचना की है, और सपा सांसद से माफी की मांग की है।
रामजी लाल सुमन का विवादास्पद बयान
राज्यसभा में संसद सत्र के दौरान सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने राणा सांगा को लेकर एक आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने राणा सांगा को “गद्दार” बताते हुए कहा था कि राणा सांगा ने इब्राहिम लोदी को हराने के लिए बाबर को भारत बुलाया था। सुमन ने यह भी सवाल उठाया कि लोग बाबर की आलोचना तो करते हैं, लेकिन राणा सांगा के खिलाफ कोई आवाज क्यों नहीं उठाता।
विहिप की कड़ी प्रतिक्रिया
इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमितोष पारीक ने सुमन के बयान को “शर्मनाक” करार दिया। पारीक ने कहा, “रामजी लाल सुमन शायद मेवाड़ की वीर गाथाओं से परिचित नहीं हैं। राणा सांगा न केवल मेवाड़, बल्कि राजस्थान का भी गौरव हैं। उन्होंने 100 युद्धों में विजय प्राप्त की और इब्राहिम लोदी को हराया।” पारीक ने यह भी कहा कि इस बयान से सांसद की “विकृत मानसिकता” का पता चलता है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
बीजेपी ने की सपा सांसद की आलोचना
बीजेपी ने भी सुमन के बयान की कड़ी आलोचना की है। यूपी बीजेपी के नेताओं ने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता तुष्टिकरण की राजनीति में इस कदर खो चुके हैं कि वे भारतीय महापुरुषों का अपमान करने से भी नहीं चूकते। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, “सपा नेता अपने संस्कारों के अनुरूप ही विदेशी आक्रांताओं का महिमामंडन करने के लिए भारतीय वीरों का अपमान कर रहे हैं। यह बेहद शर्मनाक है और रामजी लाल सुमन को इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।”
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का बयान
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। शेखावत ने कहा, “रामजी लाल सुमन का यह बयान अत्यंत गलत है। आने वाली पीढ़ियां कभी बाबर और राणा सांगा की तुलना नहीं करेंगी, क्योंकि राणा सांगा ने भारत को गुलामी से बचाया था और भारतीय संस्कृति को बचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था।” शेखावत ने आगे कहा, “कुछ क्षुद्र और छोटे दिल वाले लोग इस तरह की बातें करते हैं, लेकिन ये चर्चाएं कोई मायने नहीं रखतीं। राणा सांगा का योगदान अनमोल है और हम उनके संघर्ष और बलिदान को हमेशा याद रखेंगे।”
सपा सांसद को माफी की मांग
सपा सांसद रामजी लाल सुमन के बयान के बाद विपक्षी दलों की ओर से माफी की मांग तेज हो गई है। अब तक इस मामले पर समाजवादी पार्टी की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक माहौल में यह विवाद छा गया है।
राणा सांगा की वीरता पर बहस
यह विवाद राणा सांगा की वीरता को लेकर उठे नए सवालों के बीच उत्पन्न हुआ है। राणा सांगा, जिनके नेतृत्व में मेवाड़ ने न केवल युद्धों में सफलता प्राप्त की, बल्कि भारत की स्वतंत्रता की रक्षा में भी उनका योगदान अहम रहा, भारतीय इतिहास के महान योद्धाओं में से एक माने जाते हैं। उन्होंने 1508 से 1528 तक मेवाड़ के शासक के रूप में शासन किया और भारतीय इतिहास में अपनी वीरता और संघर्ष के लिए याद किए जाते हैं।
निष्कर्ष
यह विवाद केवल एक बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय इतिहास, संस्कृति और वीरता की आस्थाओं से जुड़ा हुआ मामला बन चुका है। राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं से यह स्पष्ट हो गया है कि राणा सांगा की गाथाओं को लेकर विवाद कभी समाप्त नहीं होगा। इस मामले में अब सभी की नजरें समाजवादी पार्टी के नेता रामजी लाल सुमन से माफी की उम्मीद पर टिकी हैं, और यह देखना होगा कि सपा इस मुद्दे पर आगे क्या कदम उठाती है।
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