April 20, 2026

फार्मूला मिल्क में खतरनाक तत्वों का खुलासा: बच्चों की सेहत को हो सकता है भारी खतरा

हाल के सालों में बच्चों को फार्मूला मिल्क, यानी पाउडर वाला दूध पिलाने का चलन तेजी से बढ़ा है, लेकिन अब एक नई रिपोर्ट ने इस दूध के सेवन से जुड़े खतरों को उजागर किया है। कंज्यूमर रिपोर्ट्स की एक हालिया जांच में यह सामने आया है कि लगभग सभी फार्मूला मिल्क सैंपल्स में लीड (सीसा), आर्सेनिक, और अन्य खतरनाक रासायनिक तत्व पाए गए हैं, जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरे का कारण बन सकते हैं। इस रिपोर्ट के बाद बच्चों के फार्मूला मिल्क के सेवन पर सवाल उठने लगे हैं।

कंज्यूमर रिपोर्ट्स द्वारा की गई इस जांच में यह भी पाया गया कि फार्मूला मिल्क में पॉलीफ्लोरोएल्काइल (PFAs), बिस्फेनॉल ए (BPA), और एक्रिलामाइड जैसे रसायन भी मौजूद थे। फार्मूला मिल्क बनाने वाली कंपनियों ने जांच के तरीकों पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि लीड और आर्सेनिक जैसी सामग्री प्राकृतिक रूप से पर्यावरण में पाई जाती हैं और उनका फार्मूला सुरक्षित है। हालांकि, कंज्यूमर रिपोर्ट्स ने इसे गंभीर खतरा माना और कंपनियों से आग्रह किया कि वे अपने उत्पादों में इन खतरनाक तत्वों से मुक्त फार्मूला मिल्क बनाएं।

इस रिपोर्ट के बाद विशेषज्ञों ने बच्चों के लिए फार्मूला मिल्क के उपयोग पर सावधानी बरतने की सलाह दी है। खाद्य सुरक्षा और अनुसंधान की प्रबंधक सना मुजाहिद ने कहा, “माता-पिता को इस रिपोर्ट से घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें फार्मूला मिल्क बदलने के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए और बेहतर विकल्पों पर विचार करना चाहिए।”

अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अनुसार, फार्मूला मिल्क में लीड का कोई भी स्तर बच्चों के स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं होता है, क्योंकि यह गंभीर बीमारियों और विकासात्मक समस्याओं का कारण बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि 6 महीने तक के बच्चों के लिए केवल मां का दूध ही सबसे सुरक्षित और स्वस्थ विकल्प है।

कंज्यूमर रिपोर्ट्स की जांच में 41 फार्मूला मिल्क सैंपल्स में से 34 सैंपल्स में लीड पाया गया, जो 1.2 पीपीबी से लेकर 4.2 पीपीबी तक था। हालांकि, किसी भी सैंपल में लीड का स्तर मानक से अधिक नहीं था, फिर भी विशेषज्ञों का मानना है कि कम मात्रा में लीड का सेवन भी बच्चों के लिए खतरे का कारण बन सकता है।

फार्मूला मिल्क बनाने वाली कंपनियों ने इस जांच पर प्रतिक्रिया दी है, और उनका कहना है कि उन्होंने जानबूझकर कोई भी खतरनाक रसायन नहीं मिलाए हैं, ये तत्व प्राकृतिक रूप से पर्यावरण में होते हैं और खाद्य पदार्थों के संपर्क में आ जाते हैं। फिर भी, कंज्यूमर रिपोर्ट्स ने इस पर जोर देते हुए कहा कि कंपनियों को इन तत्वों से मुक्त और सुरक्षित फार्मूला मिल्क उत्पाद तैयार करने चाहिए।

यह खुलासा बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है, और इसे लेकर आगे और भी चर्चा होनी तय है।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!