April 17, 2026

बीबीएयू में निलंबित छात्रों का धरना जारी, कुलपति से मिली सुनवाई की उम्मीद

बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) के निलंबित छात्र बृहस्पतिवार को पूरे दिन धूप में धरने पर बैठे रहे, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनसे कोई संवाद नहीं किया। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनके खिलाफ अनुशासनहीनता के आरोपों को मनमाने तरीके से लगाया और उनकी आवाज दबाने की कोशिश की। निलंबित छात्रों ने विश्वविद्यालय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी रखा, और जब धरना खत्म नहीं हुआ तो शाम को कुलपति के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें समस्या सुनने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।

बीबीएयू प्रशासन ने हाल ही में नारायण कनौजिया, खुशबू, नम्रता, अखिलेश, आलोक, अंजली, ज्योति, मृत्युंजय, और शुभम को अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया था, जबकि पांच अन्य छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। छात्रों का कहना है कि उनके निलंबन का कारण विश्वविद्यालय के संघमित्रा विस्तार महिला छात्रावास में एक कर्मचारी द्वारा छात्रा से छेड़छाड़ का मामला उठाना था। छात्रों का दावा है कि उन्होंने इस मामले में आवाज उठाई थी, लेकिन इसके बजाय विश्वविद्यालय ने उन्हें अनुशासनहीनता का आरोप लगाकर निलंबित कर दिया। उनका कहना है कि इस कार्रवाई के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हुई है और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा है।

बृहस्पतिवार शाम, कुलपति प्रोफेसर राजकुमार मित्तल, प्रॉक्टर प्रोफेसर महेंद्र प्रताप सिंह और छात्र अधिष्ठाता कल्याण प्रोफेसर नरेंद्र कुमार ने निलंबित छात्रों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि अनुशासनात्मक समिति की अध्यक्षता करने वाले प्रोफेसर डीआर मोदी छात्रों से उनके पक्ष को सुनेंगे, और इसके बाद ही बहाली के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।

वहीं, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजकुमार मित्तल ने कहा कि विश्वविद्यालय किसी भी छात्र की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं करेगा, लेकिन किसी भी छात्र के साथ अन्याय भी नहीं होने दिया जाएगा। उनका कहना था कि छात्रों की बातों को ध्यान से सुना जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी।

छात्रों के धरने और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से समस्या सुनने का आश्वासन मिलने के बाद अब यह देखा जाएगा कि विश्वविद्यालय के खिलाफ छात्रों के आरोपों पर आगे किस तरह की कार्रवाई की जाती है, और क्या उनका निलंबन वापस लिया जाएगा या नहीं।

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