पाकिस्तान में आतंकवादियों के हमलों और ट्रेन हाईजैकिंग से सुरक्षा संकट गहरा, 90 सैनिकों की मौत
पाकिस्तान में एक के बाद एक आतंकवादी हमलों ने देश को सशंकित कर दिया है। खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवादियों के एक समूह ने पाकिस्तानी सेना के कैप्टन को मार गिराया और सात आतंकवादी भी इस मुठभेड़ में मारे गए। यह मुठभेड़ दक्षिणी वजीरिस्तान की सीमा से सटे डेरा इस्माइल खान जिले के कर्री मलंग इलाके में खुफिया जानकारी पर आधारित एक सैन्य अभियान के दौरान हुई। इस हमले में तीन अन्य सैनिक भी घायल हो गए।
इससे पहले 11 मार्च को बलूचिस्तान में जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने हाईजैक कर लिया था, जो क्वेटा से पेशावर जा रही थी। इस हमले में 58 लोगों की जान चली गई, जिनमें 21 यात्री, चार सैनिक और बीएलए के सदस्य शामिल थे। ट्रेन के नीचे शवों की तस्वीरें जारी करते हुए बीएलए ने दावा किया था कि उन्होंने 200 से ज्यादा मुसाफिरों को अपने कब्जे में लिया था, और यह हमला आत्मघाती था।
इसके बाद पाकिस्तान आर्मी के काफिले पर भी हमला हुआ, जिसमें सेना के 8 सैन्य वाहनों पर आत्मघाती हमला किया गया और 90 से अधिक सैनिक मारे गए। बीएलए ने इस हमले की जिम्मेदारी भी ली। इन घटनाओं के बाद पाकिस्तान की सुरक्षा स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं, और यह साफ हो गया है कि आतंकवादी संगठन क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं।
पाकिस्तानी सेना की ओर से इन घटनाओं पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन इन हमलों ने एक बार फिर पाकिस्तान में सुरक्षा संकट को उजागर कर दिया है। इन आतंकी हमलों और ट्रेन हाईजैकिंग की घटनाओं ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को और अधिक स्पष्ट कर दिया है, जिससे पूरे देश में तनाव का माहौल है।
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