April 20, 2026

गाजा में तबाही की रात: 24 घंटे में 450 मौतें, इंसानियत फिर शर्मसार

गाजा। एक बार फिर गाजा में मौत का तांडव मचा है। चारों ओर चीख-पुकार, मलबे में दबे लोग, खून से सनी सड़कों पर अपनों को ढूंढते परिजन—यह वही मंजर है जो पिछले कई महीनों से गाजा के बाशिंदों का नसीब बन चुका है। मंगलवार की रात इस्राइली बमबारी ने गाजा पट्टी को दहला दिया, और अगले 24 घंटे में 450 से ज्यादा फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हो चुकी थी।

बुधवार की रात भी इस्राइली लड़ाकू विमानों ने गाजा पर तबाही मचाई, जिसमें अकेले 58 से ज्यादा लोग मारे गए। खान यूनिस, राफा और बेइत लाहिया जैसे इलाकों में बमों की गूंज देर रात तक सुनाई देती रही। हर धमाके के साथ इमारतें जमींदोज होती रहीं, लोग चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन मदद के लिए कोई हाथ आगे नहीं बढ़ा।

युद्धविराम टूटा, तबाही का सिलसिला शुरू

कुछ ही दिन पहले इस्राइल और हमास के बीच संघर्ष विराम हुआ था। उम्मीद की जा रही थी कि यह युद्धविराम शांति की ओर एक कदम साबित होगा। लेकिन यह ज्यादा देर टिक नहीं पाया। मंगलवार को इस्राइल ने भारी बमबारी शुरू कर दी, जिससे संघर्ष विराम खत्म हो गया।

इस्राइल का दावा है कि हमास ने शांति समझौते को नकार दिया और इसी कारण उसे यह कार्रवाई करनी पड़ी। दूसरी ओर, हमास की ओर से अभी तक कोई बड़ा रॉकेट हमला नहीं किया गया है, लेकिन इस्राइल का कहना है कि हमास ने पहले संघर्ष विराम की शर्तों को तोड़ा।

400 मौतें, 24 घंटे में तबाह हुआ गाजा

गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, मंगलवार को हुए इस्राइली हमलों में 400 से अधिक लोगों की जान चली गई। सबसे ज्यादा दर्दनाक बात यह रही कि मारे गए लोगों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल थे। अस्पताल लाशों से भर चुके हैं, डॉक्टरों के पास संसाधन खत्म हो चुके हैं और घायलों का इलाज करना मुश्किल होता जा रहा है।

रिहायशी इलाकों में बमबारी ने घरों को मलबे में बदल दिया। कई परिवार एक ही पल में खत्म हो गए। एक सात साल के बच्चे का शव उसकी मां की गोद में मिला, दोनों बम धमाके में एक साथ मारे गए। अस्पतालों में मासूम बच्चों के शव ताबूतों में लपेटे जा रहे हैं, लेकिन अब उन्हें दफनाने के लिए भी जगह नहीं बची।

खत्म हो रही जिंदगी की उम्मीद

गाजा में हालात पहले से ही खराब थे, लेकिन अब हर दिन जीना और मुश्किल होता जा रहा है। खाने-पीने का सामान खत्म हो रहा है, पीने के पानी की किल्लत हो गई है और अस्पतालों में दवाइयां खत्म हो रही हैं। घायलों को इलाज के लिए मिस्र भेजने की कोशिश की जा रही है, लेकिन लगातार हो रहे हमलों की वजह से रास्ते बंद हैं।

संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस्राइल से अपील की है कि वह नागरिक इलाकों में हमले बंद करे, लेकिन अब तक कोई असर नहीं दिखा है।

गाजा के लोगों के लिए यह सवाल सबसे बड़ा है—आगे क्या? क्या यह जंग कभी खत्म होगी, या फिर यह तबाही और बढ़ेगी? क्या शांति वार्ता फिर से शुरू होगी, या फिर यह सिर्फ एक और अधूरा सपना रहेगा?

फिलहाल, गाजा में मौत का सिलसिला जारी है। लोग हर पल डर के साए में जी रहे हैं, और कोई नहीं जानता कि अगला धमाका किसका घर तबाह कर देगा।

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