April 20, 2026

सत्येंद्र जैन पर रिश्वत लेने का आरोप, ACB ने दर्ज की FIR

दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान PWD मंत्री रहे सत्येंद्र जैन के खिलाफ एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने बड़ा कदम उठाते हुए एक गंभीर भ्रष्टाचार मामले में FIR दर्ज की है। आरोप है कि सत्येंद्र जैन ने 571 करोड़ रुपये के CCTV प्रोजेक्ट में 16 करोड़ रुपये के जुर्माने को माफ करने के लिए सात करोड़ रुपये की रिश्वत ली। यह मामला दिल्ली की राजनीति में भूचाल ला सकता है और भ्रष्टाचार के खिलाफ आम आदमी पार्टी के दावों पर सवाल उठा सकता है।

क्या है पूरा मामला?

दिल्ली सरकार ने 2019 में राजधानी के 70 विधानसभा क्षेत्रों में 1.4 लाख CCTV कैमरे लगाने के लिए 571 करोड़ रुपये का एक बड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया था। यह प्रोजेक्ट भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और उसके ठेकेदारों को दिया गया था। हालांकि, समय पर काम पूरा न होने के कारण दिल्ली सरकार ने BEL और उसके ठेकेदारों पर 16 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा दिया। लेकिन अब ACB को यह जानकारी मिली है कि यह जुर्माना बिना किसी ठोस कारण के माफ कर दिया गया, और इसके बदले सत्येंद्र जैन को सात करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई। यह रिश्वत उन ठेकेदारों के जरिए दी गई, जिन्हें BEL से आगे का काम सौंपा गया था।

कैसे सामने आया घोटाला?

ACB को इस मामले की जानकारी सबसे पहले एक मीडिया रिपोर्ट के जरिए मिली, जिसमें दावा किया गया था कि BEL पर लगाए गए जुर्माने को एक बड़े भ्रष्टाचार के तहत माफ किया गया। रिपोर्ट के बाद, ACB ने मामले की जांच शुरू की और BEL के एक अधिकारी ने इन आरोपों की पुष्टि की, साथ ही पूरी जानकारी भी दी। इसके बाद ACB ने PWD और BEL से जरूरी दस्तावेज लेकर मामले की गहराई से जांच शुरू की।

कैसे हुआ रिश्वत का लेन-देन?

शिकायतकर्ता के मुताबिक, यह रिश्वत अलग-अलग ठेकेदारों के जरिए दी गई थी। इन ठेकेदारों को BEL से CCTV कैमरों की नई खेप का ऑर्डर दिलवाया गया था और उनके ऑर्डर की वैल्यू को जानबूझकर बढ़ा दिया गया था। इस बढ़ी हुई रकम से सात करोड़ रुपये की रिश्वत की व्यवस्था की गई थी। ACB अब इस पूरे लेन-देन के नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है।

ACB को मिली सरकारी मंजूरी, फिर दर्ज हुई FIR

चूंकि सत्येंद्र जैन दिल्ली सरकार में मंत्री रहे थे, ACB को उनके खिलाफ FIR दर्ज करने से पहले सरकारी मंजूरी प्राप्त करनी पड़ी। इस मंजूरी के बाद, ACB ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 13 (1)(a) के तहत और भारतीय दंड संहिता की धारा 120B के तहत FIR दर्ज की। अब ACB इस मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं और उनकी भूमिका क्या रही।

क्या CCTV प्रोजेक्ट में और भी घोटाले हुए?

ACB की जांच में यह भी सामने आया है कि CCTV प्रोजेक्ट को सही तरीके से लागू नहीं किया गया। कई कैमरे तो शुरुआत से ही खराब थे और उनकी क्वालिटी भी बेहद खराब थी। अब ACB इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस प्रोजेक्ट में और भी घोटाले हुए हैं और क्या गुणवत्ता के साथ समझौता किया गया है।

आगे क्या होगा?

अब ACB इस पूरे मामले में शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका की जांच करेगी। इसमें PWD और BEL के अधिकारियों की भूमिका को भी देखा जाएगा। जांच के बाद, ACB तय करेगी कि सत्येंद्र जैन और अन्य दोषियों के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह मामला दिल्ली की राजनीति में गहरी हलचल मचा सकता है, क्योंकि आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सख्त नीति के लिए जानी जाती रही है। अब देखना यह है कि इस मामले में आगे क्या खुलासे होते हैं और ACB की जांच किस दिशा में जाती है।

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