दिल्ली में महिलाओं को 2500 रुपये मिलने में अड़चनें? सरकार की नई गाइडलाइन पर मचा बवाल
नई दिल्ली, 18 मार्च 2025 – दिल्ली में महिलाओं को 2500 रुपये प्रतिमाह देने वाली ‘महिला समृद्धि योजना’ को लेकर बीजेपी सरकार ने नई गाइडलाइन तैयार कर रही है। इस योजना की घोषणा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 8 मार्च (अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस) पर की थी, लेकिन अब इसके नियमों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी पार्टी आम आदमी पार्टी (AAP) ने बीजेपी सरकार पर “महिलाओं से धोखा” करने का आरोप लगाया है।
कौन-कौन महिलाएं होंगी इस योजना से बाहर?
सूत्रों के मुताबिक, इस योजना के तहत हर परिवार से केवल एक महिला को ही इसका लाभ मिलेगा। अगर किसी बीपीएल कार्ड पर चार महिलाओं के नाम दर्ज हैं, तो सबसे अधिक उम्र वाली महिला को ही इस योजना का पैसा मिलेगा, जबकि बाकी को इससे वंचित कर दिया जाएगा।
इसके अलावा, गाइडलाइन के मुताबिक –
यदि महिला के तीन से अधिक बच्चे हैं, तो वह इस योजना के लिए अयोग्य मानी जाएगी।
यदि महिला के तीन बच्चे हैं लेकिन वे वैक्सीनेटेड नहीं हैं, तब भी उसे योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
महिला की उम्र 21 से 60 साल के बीच होनी चाहिए।
योजना का पैसा सीधे महिला के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किया जाएगा।
योजना की मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री कार्यालय खुद करेगा।
महिलाओं में नाराजगी, AAP ने बीजेपी पर साधा निशाना
नई गाइडलाइन के सामने आने के बाद दिल्ली की महिलाओं में गुस्से का माहौल है। विपक्षी दल AAP ने इसे महिलाओं के साथ विश्वासघात करार दिया है। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने कहा,
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली की महिलाओं से वादा किया था कि 8 मार्च तक उनके खातों में 2500 रुपये जमा कर दिए जाएंगे। महिलाएं फोन पर टकटकी लगाए बैठी हैं, लेकिन अभी तक उनके अकाउंट में एक भी रुपया नहीं आया।”
AAP ने बीजेपी सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा, “पहले 15 लाख रुपये देने का वादा किया गया था, अब महिलाओं को 2500 रुपये देने का झांसा दिया जा रहा है। वे सिर्फ लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं और बहाने बना रहे हैं।”
दिल्ली चुनाव में BJP की ऐतिहासिक जीत, लेकिन बढ़ रही मुश्किलें
बीजेपी ने फरवरी 2025 में हुए विधानसभा चुनावों में जबरदस्त जीत दर्ज की थी। 27 साल बाद सत्ता में वापसी करते हुए बीजेपी ने 48 सीटें जीतीं, जबकि AAP को 22 सीटों पर जीत मिली। कांग्रेस एक बार फिर खाता खोलने में नाकाम रही।
हालांकि, सरकार बनने के एक महीने बाद ही यह योजना बीजेपी सरकार के लिए गले की हड्डी बनती नजर आ रही है। क्या बीजेपी अपने इस वादे को पूरा करेगी या यह सिर्फ चुनावी जुमला था? यह सवाल दिल्ली
की लाखों महिलाएं पूछ रही हैं।
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