अश्विन ने किया बड़ा खुलासा, धोनी ने संन्यास फैसले को टाला
भारतीय क्रिकेट जगत के मशहूर स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन ने एमएस धोनी को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया। अश्विन, जो इस समय आईपीएल 2025 के लिए चेन्नई सुपर किंग्स के साथ जुड़े हैं, हाल ही में टीम के बारे में लिखी गई किताब “लियो: द अनटोल्ड स्टोरी” के लॉन्च इवेंट में शामिल हुए थे। इस इवेंट के दौरान अश्विन ने धोनी से जुड़ा एक अहम किस्सा साझा किया, जो उनकी क्रिकेट यात्रा को पूरी तरह से प्रभावित करता है।
धोनी की वजह से टला संन्यास
रविचंद्रन अश्विन ने अपने संन्यास के बारे में बात करते हुए बताया कि उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 2024 की टेस्ट सीरीज के दौरान इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने का फैसला किया था। हालांकि, एमएस धोनी के कारण वह यह निर्णय नहीं ले पाए। अश्विन ने खुलासा किया कि वह चाहते थे कि अपने 100वें टेस्ट मैच को अपना आखिरी मैच बना लें, लेकिन धोनी की गैरमौजूदगी के कारण उन्होंने अपना फैसला बदल दिया।
अश्विन ने बताया कि उन्होंने अपने 100वें टेस्ट मैच के लिए धोनी को धर्मशाला आने का आमंत्रण दिया था ताकि वह उन्हें इस खास मौके पर स्मृति चिन्ह (मोमेंटो) दे सकें। लेकिन धोनी उस मैच में नहीं आ सके। इसके बाद, अश्विन ने यह निर्णय लिया कि वह क्रिकेट खेलते रहेंगे और अपना आखिरी मैच नहीं खेलेंगे, क्योंकि धोनी की मौजूदगी उनके लिए बहुत मायने रखती थी।
धोनी का प्रभाव और CSK में वापसी
इसी इवेंट में, अश्विन ने अपनी चेन्नई सुपर किंग्स टीम में वापसी को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा, “मुझे कभी नहीं लगा था कि धोनी मुझे सीएसके में वापस लाने का तोहफा देंगे। लेकिन अब मैं यहां हूं, और यह बहुत अच्छा अनुभव है। एमएस धोनी का धन्यवाद कि उन्होंने मुझे वापस इस टीम में शामिल किया।”
अश्विन के लिए यह बात और भी खास है क्योंकि उन्होंने 2008 में आईपीएल की शुरुआत चेन्नई सुपर किंग्स के साथ की थी और 2009 में उन्हें डेब्यू का मौका मिला था। अश्विन ने सीएसके के लिए 2015 तक खेला, और अब लगभग 10 साल बाद वह फिर से चेन्नई सुपर किंग्स के सदस्य बन गए हैं।
अश्विन का यह खुलासा उनके और धोनी के रिश्ते को और भी गहरे रूप में दर्शाता है। धोनी ने न केवल अपनी कप्तानी में अश्विन को क्रिकेट खेलने के मौके दिए, बल्कि व्यक्तिगत रूप से भी उनकी क्रिकेट यात्रा को प्रभावित किया।
अश्विन का यह बयान दर्शाता है कि धोनी का प्रभाव सिर्फ क्रिकेट मैदान तक ही सीमित नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों की व्यक्तिगत जिंदगी और फैसलों को भी प्रभावित करता है। अब देखना यह होगा कि आईपीएल 2025 में अश्विन और धोनी की साझेदारी कैसे चेन्नई सुपर किंग्स के प्रदर्शन को प्रभावित करती है।
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