April 18, 2026

PM मोदी का नागपुर दौरा: संघ प्रमुख से मुलाकात से पहले क्या होगा बड़ा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मार्च को गुड़ी पड़वा के दिन नागपुर में रहेंगे, जहां वह कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इस दौरान, प्रधानमंत्री मोदी संघ के दूसरे सरसंघचालक, माधव सदाशिव गोलवलकर के नाम पर बनने वाले नेत्र अस्पताल और अनुसंधान केंद्र की नींव भी रखेंगे। केशव नेत्र चिकित्सालय में आयोजित कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी और संघ प्रमुख मोहन भागवत की मुलाकात और बातचीत की भी संभावना है, जिस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

पीएम मोदी और संघ प्रमुख का पहली बार मंच साझा करना

नागपुर दौरे के इस ऐतिहासिक अवसर पर पीएम मोदी और संघ प्रमुख मोहन भागवत पहली बार सार्वजनिक रूप से एक मंच पर दिखाई देंगे। इससे पहले, दोनों नेताओं ने साल 2023 और 2024 में राम मंदिर के भूमि पूजन और प्राण प्रतिष्ठा समारोहों में मंच साझा किया था। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी, आरएसएस के संस्थापक डॉ. हेडगेवार को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए रेशिमबाग भी जाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि वह पहली बार पीएम बनने के बाद डॉ. हेडगेवार के समाधि स्थल पर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे।

वर्ष प्रतिपदा पर विशेष कार्यक्रम

गुड़ी पड़वा यानी साल के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। आरएसएस में वर्ष प्रतिपदा का विशेष महत्व होता है और इसे वर्ष के पहले दिन के रूप में मनाया जाता है। पीएम मोदी इस अवसर पर संघ से जुड़ी महत्वपूर्ण परंपराओं को सम्मानित करेंगे।

केशव नेत्र चिकित्सालय की आधारशिला

पीएम मोदी के नागपुर दौरे में एक और अहम कार्यक्रम है, जिसमें वह केशव नेत्र चिकित्सालय और अनुसंधान केंद्र की नींव रखेंगे। यह अस्पताल और कॉलेज देश का पहला नेत्र चिकित्सालय और कॉलेज होगा, जिसकी आधारशिला प्रधानमंत्री मोदी द्वारा रखी जाएगी। इस अस्पताल का उद्देश्य देश में नेत्र चिकित्सा में क्रांतिकारी बदलाव लाना है, जिससे लाखों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

संघ और मोदी की नजदीकी पर नजरें

प्रधानमंत्री मोदी का नागपुर दौरा इसलिए भी विशेष है क्योंकि संघ और मोदी के रिश्तों को लेकर हमेशा चर्चा होती रही है। हालांकि पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद संघ के किसी कार्यक्रम में पहले भाग नहीं लिया है, लेकिन इस बार का दौरा काफी महत्वपूर्ण होगा। सूत्रों के अनुसार, स्मारक समिति की ओर से भैयाजी जोशी पीएम मोदी का स्वागत करेंगे, जो संघ के इस शताब्दी वर्ष के समारोह को और भी महत्व दे रहा है।

नागपुर में मोदी का यह दौरा क्यों है खास?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह नागपुर दौरा इसलिए भी अहम है क्योंकि यह संघ का शताब्दी वर्ष है। इस दौरान, प्रधानमंत्री का संघ मुख्यालय का दौरा और संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ कार्यक्रम में भाग लेना, संघ और सरकार के बीच मजबूत रिश्तों को और अधिक प्रगाढ़ बना सकता है। यह दौरा प्रधानमंत्री के लिए एक रणनीतिक और ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है, जो भविष्य में संघ और भाजपा के बीच सहयोग को और मजबूत कर सकता है।

इस ऐतिहासिक दौरे के बाद, देशभर में इन कार्यक्रमों और मुलाकातों के राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव पर गहरी नजरें रहेंगी। क्या संघ और मोदी की यह नई साझेदारी राजनीति और समाज में नए बदलाव लाएगी? यह सवाल अब हर किसी के मन में गूंज रहा है।

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