मानकनगर में भीषण आग का हादसा: एक परिवार बाल-बाल बचा, आग लगने का कारण अब भी अनजान
मानकनगर में रविवार तड़के एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जब छह झोपड़ियों में अचानक आग लग गई। इस भीषण आग में एक झोपड़ी में सो रहे परिवार ने किसी तरह अपनी जान बचाई, जबकि बाकी झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन समय रहते दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पा लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
यह हादसा भोलाखेड़ा क्षेत्र में रेलवे ओवरब्रिज के नीचे स्थित एक झोपड़ी में हुआ, जहां उन्नाव के बीघापुर गांव की रेशम, असोहा क्षेत्र के बागेश्वर, सुल्तानपुर के जामो के बलभददेपुर गांव के हरिकेश, बंथरा के त्रिलोचन खेड़ा के विजय शंकर और कन्हैयालाल के साथ धर्मपती भी रहते थे। होली के मौके पर रेशम को छोड़कर सभी लोग अपने-अपने गांव गए हुए थे। रविवार तड़के जब रेशम अपनी झोपड़ी में परिवार के साथ सो रही थीं, तो अचानक उन्हें धुएं और आग की तपिश महसूस हुई। इसके बाद उनकी आंख खुली और उन्होंने देखा कि उनकी झोपड़ी में आग लग चुकी थी। घबराई हुई रेशम ने तुरंत अपने परिवार को बाहर निकाल लिया और आसपास के लोग भी आग बुझाने में जुट गए।
तुरंत ही सूचना मिलने पर एफएसओ आलमबाग, धर्मपाल सिंह अपनी टीम और दो दमकल गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचे। 45 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद दमकलकर्मियों ने पूरी तरह से आग पर काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि, आग लगने के कारण का अभी तक पता नहीं चल सका है।
इस घटना के बाद अब इलाके में आग से बचाव के उपायों को लेकर चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि झोपड़ियों में अक्सर ऐसे हादसे हो सकते हैं। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आग लगने के कारणों की पड़ताल की जा रही है।
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