तेज प्रताप यादव के अंगरक्षक के डांस वीडियो ने मचाई हलचल: पुलिस ने लिया एक्शन, बॉडीगार्ड को हटाया
पटना: बिहार के पूर्व मंत्री और राजद नेता तेज प्रताप यादव का एक वीडियो होली के दिन सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने अपने अंगरक्षक सिपाही दीपक कुमार को डांस करने के लिए कहा था। यह वीडियो इतना चर्चा में आ गया कि पटना पुलिस ने इस मामले पर त्वरित कार्रवाई की और दीपक कुमार को उनके सुरक्षा कर्तव्यों से हटा दिया। साथ ही, पुलिस ने उन्हें लाइन हाजिर भी कर दिया। इस पूरे मामले पर राजनीतिक दलों से तीखी प्रतिक्रियाएं भी आईं और अब यह मामला चर्चा का विषय बन चुका है।
वीडियो में क्या था खास?
होली के दिन तेज प्रताप यादव अपने आवास पर एक कार्यक्रम में शामिल थे, जहां उन्होंने अपने अंगरक्षक सिपाही दीपक कुमार से कहा कि वह गाने पर डांस करें। तेज प्रताप ने गाने के साथ मजाक करते हुए दीपक को धमकी दी कि अगर उन्होंने डांस नहीं किया, तो उन्हें सस्पेंड करवा देंगे। यह वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो इस पर राजनीति भी गरमा गई, और सवाल उठने लगे कि क्या यह एक सार्वजनिक पद पर रहते हुए अनुशासन की उल्लंघना नहीं है?
पटना पुलिस ने लिया कड़ा कदम
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने इस पूरे घटनाक्रम पर संज्ञान लेते हुए, वायरल वीडियो के बाद कार्रवाई की। प्रेस रिलीज में कहा गया कि “विधायक तेज प्रताप यादव के कहने पर बॉडीगार्ड दीपक कुमार के वर्दी में डांस करने का मामला हमारे ध्यान में आया है। इस पर सख्त कदम उठाते हुए दीपक कुमार को लाइन हाजिर कर दिया गया है और उनकी जगह दूसरे सिपाही को सुरक्षा में नियुक्त किया गया है।”
तेज प्रताप यादव ने दी सफाई
वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक आलोचनाओं का सामना कर रहे तेज प्रताप यादव ने इस पर अपनी सफाई भी दी। उन्होंने कहा, “होली का पर्व भाईचारे का पर्व होता है, और इसमें राजनीति करने वालों का यह काम बन चुका है। बीजेपी और आरएसएस ने इस पर्व को नफरत का नया रंग दे दिया है।” तेज प्रताप ने कहा कि यह सिर्फ एक मजाक था और पुलिस अधिकारी को बुरा नहीं मानना चाहिए।
बीजेपी ने किया तीखा हमला
तेज प्रताप के इस वीडियो को लेकर बीजेपी ने उन पर हमला किया। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, “जैसा बाप वैसा बेटा। पहले उनके पिता, जो तत्कालीन मुख्यमंत्री थे, कानून को अपने इशारों पर नचाते थे और बिहार को जंगलराज में बदल दिया था। अब उनका बेटा सत्ता से बाहर होने के बावजूद कानून को धमकी और दबाव के माध्यम से अपने इशारों पर नचाने की कोशिश करता है।”
सियासी प्रतिक्रिया: सोशल मीडिया पर मची खलबली
इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी तुफान मचा दिया है, जहां एक तरफ तेज प्रताप यादव के समर्थक इसे एक मजाक और होली की खुशी का हिस्सा मान रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे कानून के उल्लंघन और अनुशासनहीनता का उदाहरण मान रहा है। इस वीडियो को लेकर कई राजनीतिक दलों ने तीखी बयानबाजी की है, और इसे एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया है।
आगे क्या होगा?
अब सवाल यह है कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी। तेज प्रताप यादव ने भले ही सफाई दी हो, लेकिन पुलिस विभाग का यह कदम यह साफ करता है कि वे इस प्रकार के सार्वजनिक घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हैं। साथ ही, अब देखना होगा कि इस विवाद के राजनीतिक प्रभाव क्या होंगे और क्या तेज प्रताप यादव को इसके परिणामों का सामना करना पड़ेगा।
इस घटना ने बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ लिया है, और यह स्पष्ट है कि यह केवल एक वीडियो नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दा बन चुका है।
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