833 बम धमकी भरी कॉल से दहला विमानन क्षेत्र, इंडिगो, एयर इंडिया और विस्तारा सबसे ज्यादा निशाने पर
833 बम धमकी भरी कॉल से दहला विमानन क्षेत्र, इंडिगो, एयर इंडिया और विस्तारा सबसे ज्यादा निशाने पर
सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी चिंता, सरकार ने उठाए कड़े कदम
नई दिल्ली: भारत में विमानन क्षेत्र को बम धमकी भरी कॉल्स के जरिए लगातार निशाना बनाया जा रहा है। वर्ष 2020 से अब तक कुल 833 धमकी भरी कॉल्स दर्ज की गई हैं, जिनमें सबसे ज्यादा 2024 में आईं। बीते वर्ष देश की प्रमुख एयरलाइंस इंडिगो (216), एयर इंडिया (179) और विस्तारा (153) को सबसे अधिक धमकियां मिलीं। इन घटनाओं ने न केवल हवाई यात्रा की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा की है, बल्कि यात्रियों को भी भारी असुविधा झेलनी पड़ी है।
धमकियों में खतरनाक वृद्धि, 2024 सबसे ज्यादा प्रभावित
आंकड़ों के अनुसार, बम धमकियों की संख्या में चिंताजनक इजाफा हुआ है।
•2020: सिर्फ 4 धमकी भरी कॉल
•2021: 2 कॉल
•2022: 13 कॉल
•2023: 71 कॉल
•2024: 728 धमकी भरी कॉल (सबसे ज्यादा)
•2025 (अब तक): 15 कॉल
यहां 2024 सबसे खतरनाक वर्ष साबित हुआ, जब 728 कॉल्स के कारण हवाई सुरक्षा एजेंसियों को बार-बार अलर्ट मोड में जाना पड़ा।
विदेशी एयरलाइंस भी बनीं निशाना
सिर्फ भारतीय एयरलाइंस ही नहीं, बल्कि अमेरिकन एयरलाइन, इजिप्ट एयरलाइन, लुफ्थांसा एयरलाइन और स्विस एयर को भी 2023 में एक-एक धमकी भरी कॉल मिली। इससे संकेत मिलता है कि यह खतरा वैश्विक स्तर पर भी मौजूद है।
संसद में उठा मुद्दा, सरकार ने दिया जवाब
राज्यसभा सदस्य डॉ. वी. शिवादासन ने इस गंभीर मुद्दे को संसद में उठाया और पूछा कि सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए क्या कदम उठाए हैं। इसके जवाब में नागर विमानन मंत्रालय में राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) ने केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और सीआईएसएफ के समन्वय से एक सख्त प्रोटोकॉल लागू किया है।
बम धमकियों से निपटने के लिए ‘बीटीसीपी योजना’ लागू
सरकार ने बम धमकियों से निपटने के लिए ‘बम धमकी आकस्मिक योजना’ (BTCP) लागू की है।
•प्रत्येक हवाई अड्डे पर ‘बम धमकी आकलन समिति’ (BTAC) बनाई गई है, जो खतरे का विश्लेषण करने के साथ-साथ आवश्यक कार्रवाई करने का भी अधिकार रखती है।
•BCAS ने सभी विमानन हितधारकों को सुरक्षा प्रोटोकॉल मजबूत करने और किसी भी गैर-कानूनी हस्तक्षेप को रोकने के निर्देश दिए हैं।
फर्जी कॉल्स से हवाई यातायात प्रभावित, यात्रियों को परेशानी
इन फर्जी धमकियों के कारण हवाई अड्डों पर बार-बार फ्लाइट्स की जांच और सुरक्षा बढ़ानी पड़ रही है, जिससे उड़ानों में देरी और यात्रियों को असुविधा हो रही है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां हर खतरे को गंभीरता से ले रही हैं और यह सुनिश्चित कर रही हैं कि उड़ानों पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।
सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी चुनौती, कड़ी कार्रवाई की जरूरत
फर्जी बम धमकियों की लगातार बढ़ती संख्या से सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। सरकार का कहना है कि हर कॉल की गहन जांच की जा रही है और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
निष्कर्ष
विमानन क्षेत्र में बढ़ती बम धमकी भरी कॉल्स न केवल सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि यात्रियों के लिए भी चिंता का विषय हैं। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां इस खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं, लेकिन इन घटनाओं को रोकने के लिए और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
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