डकैती-हत्या और लूट की वारदातों के मास्टरमाइंड फाती उर्फ असद मुठभेड़ में ढेर, पुलिस ने खुलासा किया अपराधों का खतरनाक इतिहास
मथुरा: पुलिस की स्पेशल टास्क और रिवॉर्ड टीम ने रविवार तड़के एक ऐतिहासिक मुठभेड़ में डकैती, हत्या और लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले एक लाख रुपये के इनामी बदमाश फाती उर्फ असद (48) को ढेर कर दिया। असद का अपराधिक इतिहास प्रदेश सहित तीन राज्यों में कुख्यात था और वह कई खतरनाक वारदातों का आरोपी था। पुलिस ने असद के पास से ऑटोमैटिक गन, पिस्टल, खोखे और जिंदा करतूस बरामद किए हैं, जो उसके संगठित अपराधों का साक्ष्य हैं।
असद का नाम उन अपराधियों में शामिल था, जो हुलिया बदलकर डकैती और हत्या जैसी घटनाओं को अंजाम देते थे। उसे पकड़ने के लिए प्रदेश के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर, पंजाब और उत्तर प्रदेश की पुलिस की टीमें भी लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थीं। यह घटना एक अहम सफलता के रूप में सामने आई है, जो अपराधियों के खिलाफ चल रही पुलिस की कड़ी कार्रवाई का एक उदाहरण बन गई है।
कैसे हुआ पुलिस का एनकाउंटर?
डीआईजी शैलेश पांडेय के अनुसार, रविवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि फाती उर्फ असद अपने तीन साथियों के साथ मथुरा के थाना हाईवे स्थित कृष्णा कुंज कॉलोनी के एक घर में छिपा हुआ है। इसके बाद, एसओजी और हाईवे पुलिस की टीम ने घर की घेराबंदी की। जैसे ही पुलिस ने घर को घेरा, बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी और फरार होने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन बदमाशों ने फायरिंग जारी रखी। जवाबी फायरिंग में एक गोली फाती को लगी, जिसके बाद वह खून से लथपथ होकर गिर पड़ा।
पुलिस ने उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अंधेरे का फायदा उठाकर फाती के साथी मौके से फरार हो गए। पुलिस अब उनके पकड़ने के लिए कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर रही है और जंगलों में उनकी तलाश की जा रही है।
असद के अपराधिक इतिहास पर एक नज़र
असद का अपराधिक इतिहास बहुत ही भयावह रहा है। वह दर्जनों गंभीर अपराधों में शामिल रहा था, जिनमें हत्या, डकैती, लूट, अपहरण, और कई अन्य हिंसक घटनाएं शामिल हैं। उसके खिलाफ कुल 18 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से कई मामले हत्या और पुलिस मुठभेड़ से जुड़े हुए हैं। उसके खिलाफ जम्मू कश्मीर, उत्तर प्रदेश और पंजाब में भी गंभीर आरोप लगे थे। इन आरोपों में हत्या, लूट, और अपराध की दुनिया में उसकी भयावह छवि को दर्शाता है।
मुठभेड़ में शामिल पुलिस टीम
इस महत्वपूर्ण मुठभेड़ में थाना हाईवे प्रभारी आनंद शाही, प्रभारी निरीक्षक प्रशांत कपिल (प्रभारी स्पेशल टास्क टीम/ रिवॉर्ड टीम), उप निरीक्षक अजय वर्मा, हेड कांस्टेबल सुरेंद्र, हेड कांस्टेबल रोहित, हेड कांस्टेबल विशाल, कांस्टेबल पवन भाटी, कांस्टेबल सोनू भाटी सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। इनकी तत्परता और साहस से ही इस खतरनाक अपराधी को ढेर किया जा सका।
पुलिस की इस सफलता ने न केवल मथुरा, बल्कि पूरे प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की दिशा में एक बड़ी जीत हासिल की है। अब पुलिस असद के भागे हुए साथियों को पकड़ने के लिए प्रयासरत है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही वे भी कानून के शिकंजे में होंगे।
यह मुठभेड़ पुलिस की सफलता का प्रतीक बन गई है और अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कड़ी कार्रवाई का एक उदाहरण है, जो अपराधियों को यह संदेश देती है कि कानून के हाथ हमेशा लंबे होते हैं।
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