उत्तर प्रदेश के मऊ जिला जेल में बड़ा खुलासा: 5 कैदी एचआईवी पॉजिटिव, टैटू बनवाने से फैला संक्रमण!
उत्तर प्रदेश के मऊ जिले स्थित जिला जेल से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां जेल में हेल्थ चेकअप के दौरान पांच कैदी एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके बाद से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है, और अधिकारियों ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी कैदियों का स्वास्थ्य परीक्षण तेज़ी से करने का निर्णय लिया है।
जेल में हड़कंप मचने के बाद जांच जारी
जेल अधीक्षक राजेश कुमार ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना हाल ही में हुई हेल्थ चेकअप के दौरान सामने आई। उन्होंने कहा कि यह मामले पिछले कुछ दिनों में सामने आए हैं और इससे पहले भी कैदियों का हेल्थ चेकअप किया गया था। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि अभी तक जेल में बंद सभी कैदियों की जांच नहीं हो पाई है और बाकी कैदियों की जांच की जा रही है। इसके बाद से जेल में बंद 1095 कैदियों में से अब तक सिर्फ कुछ की जांच पूरी हो पाई है।
पिछले हेल्थ चेकअप में भी कुछ कैदी पाए गए थे संक्रमित
इससे पहले भी मऊ जिला जेल में एक हेल्थ चेकअप किया गया था, जिसमें 9 कैदी एचआईवी पॉजिटिव पाए गए थे। अधिकारियों के अनुसार, इन मामलों में कुछ कैदी पहले से एचआईवी संक्रमित थे, लेकिन जेल प्रशासन की ओर से नियमित स्वास्थ्य जांच के बाद नए संक्रमितों की पहचान हुई है।
टैटू बनवाने से फैला संक्रमण?
इस बीच, जेल के फार्मासिस्ट अजय कुमार श्रीवास्तव ने इस मामले पर चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कुछ कैदी बलिया जिले के ददरी मेले में पीठ और हाथ पर टैटू बनवाने गए थे, और हो सकता है कि वहां पर संक्रमित सुई का इस्तेमाल किया गया हो, जिससे यह संक्रमण फैला हो। अजय कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि यदि संक्रमित सुई का इस्तेमाल किया जाता है, तो यह संक्रमण स्वस्थ व्यक्ति तक भी पहुंच सकता है। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में टैटू बनवाने के दौरान सुई के सुरक्षित और स्वच्छ होने का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है, ताकि संक्रमण से बचा जा सके।
सभी कैदियों को विशेष डाइट और दवाएं दी जा रही हैं
जेल प्रशासन ने इस पूरे मामले के सामने आने के बाद संक्रमित कैदियों के लिए विशेष डाइट और दवाओं की व्यवस्था की है। जेल अधीक्षक ने बताया कि संक्रमित कैदियों को जेल में आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जा रही हैं। इसके अलावा, सभी कैदियों की जांच तेज़ी से की जा रही है, ताकि किसी और कैदी को संक्रमण न हो।
जेल में कुल 1095 कैदी हैं
मऊ जिला जेल में वर्तमान में कुल 1095 कैदी बंद हैं। जेल अधिकारियों का कहना है कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सभी उपाय किए जा रहे हैं और संक्रमण की जड़ तक पहुंचने के लिए जांच जारी है। इसके साथ ही, जेल प्रशासन ने सभी कैदियों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जागरूक करने के लिए विशेष बैठकें भी आयोजित की हैं।
जेल प्रशासन की सख्त निगरानी जारी
जेल अधीक्षक ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी कैदियों का स्वास्थ्य परीक्षण अब नियमित रूप से किया जाएगा और संक्रमित कैदियों को चिकित्सकीय मदद के अलावा उचित आहार भी दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि संक्रमण फैलने की वजह का पता लगाने के लिए एक विशेष टीम बनाई जा रही है, जो सभी पहलुओं पर गहन जांच करेगी।
इस पूरे मामले ने जेल प्रशासन के लिए गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर संक्रमण फैलने के तरीकों को लेकर। अब देखना यह होगा कि जेल प्रशासन इस स्थिति को किस तरह से नियंत्रित करता है और भविष्य में ऐसे संक्रमणों को फैलने से रोकने के लिए कौन से कदम उठाता है।
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