गलत लेन में दौड़ रहे डंपर ने ऑटो को मारी टक्कर, मासूम के सिर पर चढ़ा पहिया; मौके पर दर्दनाक मौत
गाजीपुर: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक तेज रफ्तार डंपर ने ऑटो को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में ऑटो सवार छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि एक मासूम की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना नंदगंज थानाक्षेत्र के पहाड़पुर चौराहे की है, जहां शनिवार दोपहर तेज रफ्तार से आ रहे डंपर ने गलत लेन में चलते हुए ऑटो में भीषण टक्कर मार दी।
तेज धमाके के साथ पलटी ऑटो, मंजर देख सहम गए लोग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भयावह था कि टक्कर लगते ही ऑटो हवा में उछली और पलट गई। उसमें सवार सभी यात्री बुरी तरह फंस गए। चीख-पुकार मच गई। लेकिन हादसे का सबसे दर्दनाक दृश्य तब सामने आया जब एक 12 वर्षीय बच्चा ऑटो से छिटककर सड़क पर गिरा और भागने के प्रयास में डंपर चालक ने उसी के सिर को कुचल दिया।
इलाज के लिए निकला था परिवार, रास्ते में उजड़ गया घर
सैदपुर के अलायचक गांव निवासी 45 वर्षीय पप्पू कुमार की आंखें खराब हैं और वे लंबे समय से शादियाबाद स्थित एक नेत्र अस्पताल में इलाज करवा रहे थे। शनिवार को वे अपनी 40 वर्षीय पत्नी उर्मिला देवी, 12 वर्षीय बेटे शिवम कुमार, 6 वर्षीय समीर कुमार, 5 वर्षीय करन कुमार और अपनी 45 वर्षीय बहन कुसुम के साथ इलाज के लिए ऑटो से निकले थे। ऑटो चालक सुनील उर्फ गुड्डू (35) उन्हें अस्पताल से वापस घर छोड़ने के लिए ले जा रहा था, लेकिन पहाड़पुर के पास उनकी जिंदगी का सबसे भयानक पल इंतजार कर रहा था।
भागते वक्त कुचला मासूम का सिर
जैसे ही ऑटो चालक सुनील ने ऑटो को दूसरे लेन में मोड़ने की कोशिश की, सामने से गलत लेन में आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो पलट गई और उसमें सवार लोग उसी में दब गए। शिवम किनारे बैठा था और टक्कर के झटके से छिटककर सड़क पर जा गिरा। तभी भागने के प्रयास में डंपर चालक ने उसे देखा तक नहीं और उसके सिर पर से पहिया निकाल दिया। अगले ही पल शिवम का सिर कई टुकड़ों में बिखर गया। मौके पर मौजूद लोग इस भयावह दृश्य को देखकर कांप उठे।
मासूम की मौत, अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा परिवार
घटना के बाद आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी और किसी तरह ऑटो में फंसे घायलों को बाहर निकाला। उन्हें तत्काल सैदपुर के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी गंभीर हालत को देखते हुए वाराणसी रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद मृतक शिवम के पिता पप्पू कुमार बिलख पड़े। उन्होंने रोते हुए बताया कि उन्होंने ऑटो चालक से कहा था कि नंदगंज के बजाय भितरी के रास्ते सैदपुर चले, लेकिन चालक नहीं माना और नंदगंज वाले रास्ते से जाने पर अड़ा रहा। पप्पू कुमार की रुंधी आवाज़ में दर्द छलक आया— “हमें क्या पता था कि उसकी इस जिद की वजह से मेरा बेटा इस दुनिया से चला जाएगा।”
डंपर चालक फरार, पुलिस ने शव भेजा पोस्टमार्टम के लिए
घटना के बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, घायल परिजनों के परामर्श के आधार पर पुलिस ने डंपर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
बेकाबू रफ्तार और गलत लेन का कहर
यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़ा करता है— आखिर कब तक सड़कों पर रफ्तार का आतंक चलता रहेगा? कब तक लापरवाही से गाड़ी चलाने वाले मासूमों की जान लेते रहेंगे? यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और लापरवाही का दर्दनाक उदाहरण है, जिसकी कीमत एक मासूम की जिंदगी बन गई।
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