April 18, 2026

कोलकाता में डॉक्टर की हत्या और रेप मामला: मां ने प्रधानमंत्री मोदी से मिलने की जताई इच्छा, न्याय की मांग तेज

पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक डॉक्टर के साथ हुए जघन्य रेप और हत्या की घटना को लेकर मृतका की मां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की अपील की है। उन्होंने कहा कि अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए वे प्रधानमंत्री से मिलना चाहती हैं और इस मामले में उनकी मदद की उम्मीद करती हैं। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक दुखी मां ने अपनी बेटी के साथ हुई इस दरिंदगी को याद करते हुए राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है।

प्रधानमंत्री से मुलाकात की इच्छा
मृतका की मां ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैं प्रधानमंत्री से मिलना चाहती हूं और उनसे इस मामले में मदद मांगना चाहती हूं। मेरी बेटी के साथ जो हुआ, वह किसी के साथ भी नहीं होना चाहिए। हम उम्मीद करते हैं कि प्रधानमंत्री हमारी अपील पर ध्यान देंगे और हमें न्याय दिलाने में मदद करेंगे।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों के बावजूद अभी तक उनकी बेटी को न्याय नहीं मिल पाया है और न ही उनकी बेटी की मौत का सर्टिफिकेट तक उन्हें मिला है।

दर्द भरी यादें और न्याय की उम्मीदें
यह दर्दनाक घटना पिछले साल 9 अगस्त को कोलकाता के सरकारी अस्पताल में घटी थी, जब 31 वर्षीय जूनियर डॉक्टर के साथ रेप किया गया और उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस कुकृत्य ने न केवल कोलकाता, बल्कि पूरे देश को हिला दिया था। मृतका की मां ने दुखी मन से कहा, “हमारी बेटी ने बड़े सपने देखे थे। हमें कभी यह नहीं सोचा था कि उसे ऐसी मौत का सामना करना पड़ेगा। सात महीने से ज्यादा समय हो चुका है, लेकिन अब तक उसे न्याय नहीं मिल पाया है।” उन्होंने यह भी कहा, “अगर एक महिला डॉक्टर अपने कार्यस्थल पर सुरक्षित नहीं है, तो फिर सुरक्षा कहां है?”

राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल
बीजेपी विधायक अग्निमित्र पॉल ने इस मामले में मृतका की मां के प्रधानमंत्री से मिलने की इच्छा पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री से मिलने के लिए एक तय प्रक्रिया होती है, लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री उनसे मिलेंगे और उनकी अपील सुनेंगे।”

वहीं, तृणमूल कांग्रेस की नेता और राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “देश में किसी भी नागरिक को प्रधानमंत्री से मिलने का अधिकार है, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हमारी नेता ममता बनर्जी ने ही पहले इस मामले में कदम उठाया था और अपराधी को गिरफ्तार किया था।”

आरोपी को सजा, लेकिन न्याय की प्रक्रिया लंबी
कोलकाता पुलिस के नागरिक स्वयंसेवक संजय रॉय, जो इस अपराध में दोषी पाया गया था, को 20 जनवरी को जिला अदालत द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। हालांकि, इस फैसले पर केंद्रीय जांच एजेंसी और राज्य सरकार ने मृत्युदंड की मांग करते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट में अपील दायर की थी।

हाई कोर्ट ने 7 फरवरी को इस मामले में केंद्र और राज्य सरकार की अपील को स्वीकार करते हुए निचली अदालत द्वारा संजय रॉय को दी गई आजीवन कारावास की सजा को चुनौती दी। हालांकि, राज्य सरकार की अपील को खारिज करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि दोषी को दी गई सजा में कोई बदलाव नहीं होगा।

यह घटना न केवल राज्य, बल्कि पूरे देश के लिए एक चेतावनी बन गई है कि महिलाओं की सुरक्षा के मामले में हमें अभी बहुत कुछ करने की आवश्यकता है। मृतका की मां का संघर्ष और उनका प्रधानमंत्री से मिलने की अपील इस बात का प्रतीक है कि न्याय की प्रक्रिया में कई चुनौतियां हैं, लेकिन एक मां की उम्मीदें और उसकी लड़ाई कभी समाप्त नहीं होती।

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